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Sunday, September 7, 2025

सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम वार्ड नंबर 20 गुमटी बस्ती की सड़क बदहाल, हजारों लोग प्रतिदिन होते हैं परेशान

आदित्यपुरग मटी बस्ती रेलवे फाटक से अंडरग्राउंड ब्रिज जाने वाली मुख्य सड़क की दुर्दशा नली का गंदा पानी रोड पर बह रहा है जिसके कारण 35 वर्ष पुराना सड़क पूरी तरह से बर्बाद हो गया है आप को बता दें ये रोड हाउसिंग कॉलोनी जाने वाले मुख्य सड़क है साथ ही आदित्यपुर बाजार जो कि एक साप्ताहिक और दैनिक हाट बाजार है इस पर भी पूरी तरह से प्रभाव पड़ रहा हैं गुमटी बस्ती के लोग तो प्रभावित हैं ही साथ ही प्रति दिन हजारों लोगों को खराब रोड के लिए परेशानी हो रही है आम से लेकर खास तक को क्योंकि यह रोड से ही आप आदित्यपुर थाना,तसील कचहरी, वन विभाग कार्यालय, पथ निर्माण विभाग कार्यालय, सरकारी अस्पताल, पेय जल स्वच्छता विभाग कार्यालय,विकास भवन, सर्वणरेखा कार्यालय,विद्युत विभाग कार्यालय, ग्रामीण लैंप्स बैंक, सिर्फ एक रोड के चलते लोगो के साथ साथ इतने सारे विभाग पर कार्य करने वाले और आने जाने वाले सभी परेशान है 

मानवता के आधार पर आधार पर रेल प्रशासन को ये सड़क की जल्द से जल्द निर्माण कार्य करा देनी चाहिए 




Friday, September 5, 2025

आज दिनांक 05/09/25 को NIT कैंपस में साफ सफाई कार्य करने वाले सफाई कर्मियों द्वारा अपने पुरे साफ सफाई कर्मियों के साथ झा मु मो आदित्यपुर नगर समिति के पूरे टीम को फूलों के माला पहना कर स्वागत किया साथ ही मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की

आज दिनांक 05/09/25 को NIT कैंपस में साफ सफाई कार्य करने वाले सफाई कर्मियों द्वारा अपने पुरे साफ सफाई कर्मियों के साथ झा मु मो आदित्यपुर नगर समिति के पूरे टीम को फूलों के माला पहना कर स्वागत किया साथ ही मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की इस संबंध में काम करने वाले सफाई कर्मचारी श्री नटवर लाल करवा ने बताया एन आई टी जमशेदपुर संस्थान के एचकेजीसी सफ़ाई कार्यकर्ता के सभी मांग पूरी होने एवं सभी लोगों को काम मिलने की खुशी पर आज हम सभी सफाई कर्मियों द्वारा झा मु मो आदित्यपुर नगर समिति के सभी पदाधिकारियों आदित्यपुर नगर अध्यक्ष श्री बीरेंद्र प्रधान, उपाध्यक्ष श्री राजेश लाहा, उपाध्यक्ष श्री लाल बाबू सरदार जी,गुरु चरण मुखी, अमृत महतो जी,।एवं झा मु मो जिला समिति अध्यक्ष डॉ शुभेंदु महतो, झा मु मो सरायकेला विधानसभा के लोकप्रिय भावी विधायक प्रत्याशी श्री गणेश माहाली जी,और हमारे सांसद श्रीमती जोबा मांझी जी को धन्यवाद दिया जिनके चलते हमलोग आज फिर कार्य करने जा रहे है और इनलोगों के समर्थन से हमारे मांगे भी पूरे हुआ हमलोग बेरोजगार होने से पहले बच गए 
इस कार्यक्रम का आयोजन सफ़ाई कर्मी प्रेम मुखी, विक्रम मुखी, मुकेश कुमार, नटवर लाल करवा ,साहित काई पुरुष एवं महिला सफ़ाई कर्मी उपस्थित थे

आदित्यपुर पेय जल स्वच्छता विभाग कॉलोनी जाने वाले मुख्य सड़क पर लगे 12 वेपर लाइट कई दिनों से खराब पड़े हैं युवा नेता स पूर्व मेयर प्रत्याशी विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती ने आदित्यपुर नगर निगम के पदाधिकारियों से अभिलम्ब मरम्मत कराने की मांग की

पेय जल स्वच्छता विभाग कार्यालय एवं कॉलोनी जाने वाले मुख्य सड़क पर कुल 12 वेपर लाइट लगे हुए जिसमें पूरे 12 के 12 खराब पड़े हुए हैं जिस के कारण पेय जल स्वच्छता विभाग कार्यालय कॉलोनी में रहने वाले लोग काफी परोशन हैं बच्चों और महिलाएं को अंधेरा हो जाते सांप बिच्छू के साथ साथ चोरी छीन ताई का डर बना रहता है खराब पड़ेवेपर लाइट को अभिलम्ब मरम्मत कराने की मांग पूर्व मेयर प्रत्याशी विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती ने संबंधित पदाधिकारी से की

Jamshedpur Kadma Accident: ईद के जुलूस में बड़ा हादसा, कार की टक्कर से भिखारी की दर्दनाक मौत, सड़क पर मची अफरा तफ़री


हादसे की खबर फैलते ही आस-पास मौजूद लोग भड़क उठे। देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और आक्रोश जताते हुए सड़क जाम कर दिया। वहां पर मौजूद लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर आड़े हुए है। 
आपको बता दे जाम के कारण रंकीणी मंदिर के आस-पास घंटों तक यातायात बाधित होने की संभावना है। और मौजूद लोगों का कहना था कि जुलूस में शामिल युवक धार्मिक आयोजन का बहाना बनाकर लापरवाही से गाड़ियां दौड़ा रहे थे, जिससे एक गरीब भिखारी की जान चली गई।


सूचना मिलते ही कदमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू करने की कोशिश करने लगी। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत करने का प्रयास कर रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। वहां पर मौजूद लोगों ने लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जुलूस के दौरान बड़ी भीड़ होने के कारण ट्रैफिक को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज और मौजूद लोगों के बयान के आधार पर आरोपी और कार में सवार युवकों की तलाश की जा रही है।

Thursday, September 4, 2025

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एक जनसभा को किया संबोधित

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के सामने चुनौती पेश करते हुए कहा, ‘‘आप मुझे तब तक नहीं हरा सकते जब तक मैं आपको ऐसा करने की अनुमति नहीं देती.
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने हालांकि इस दौरान भाजपा का नाम नहीं लिया. झारग्राम के पंचमाथा मोड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि वह एक बाघिन हैं और किसी को भी उन्हें घायल करने का प्रयास करने और उन्हें ‘खतरनाक’ बनाने का जोखिम उठाने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को चेतावनी दी कि वे उन्हें कम न आंके, तथा स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है.

पलामू नक्सली मुठभेड़ में दो जवान शहीद, एक गंभीर रूप से घायल

10 लाख इनामी नक्सली शशिकांत गंझू की मौजूदगी की सूचना पर चला था अभियान
पलामू : जिले में नक्सलियों और पुलिस बल के बीच मुठभेड़ में सुरक्षा बल को भारी नुकसान हुआ है। इस मुठभेड़ में पुलिस के दो बहादुर जवान शहीद हो गए जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल जवान को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमएमसीएच) में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। शहीद जवानों में पलामू एएसपी अभियान का एक बॉडीगार्ड भी शामिल है। पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस को लंबे समय से सक्रिय प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के शीर्ष कमांडर शशिकांत गंझू के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश मिला था। शशिकांत गंझू पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है और वह लंबे समय से पलामू व आसपास के इलाकों में नक्सली घटनाओं को अंजाम देता रहा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस बल को गुप्त सूचना मिली थी कि मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव में शशिकांत गंझू मौजूद है। इसी आधार पर सर्च अभियान शुरू किया गया। जैसे ही पुलिस बल गांव में दाखिल हुआ नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। इसी दौरान तीन जवानों को गोलियां लगीं। घायल जवानों को तुरंत एमएमसीएच लाया गया जहां डॉक्टरों ने दो जवानों को मृत घोषित कर दिया। तीसरे जवान का इलाज जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

Wednesday, September 3, 2025

झारखंड हाईकोर्ट ने शहरी निकाय चुनाव में देरी पर जताई कड़ी नाराजगी, मुख्य सचिव को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश

झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहरी निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर राज्य सरकार पर सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने मुख्य सचिव अलका तिवारी से सवाल करते हुए कहा कि संविधान और राज्य कानून के अनुसार हर पांच साल में शहरी निकाय चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार इसे अनदेखा कर रही है।

यह टिप्पणी हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रोशनी खलखो और अन्य द्वारा दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि चुनाव में देरी की वजह क्या है और क्यों सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुरेश महाजन केस के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन अब तक नहीं किया गया। अदालत ने याद दिलाया कि एक जनवरी 2014 को राज्य में तीन माह के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था। तब मुख्य सचिव ने 16 जनवरी 2025 को अंडर टेकिंग दी थी कि चार माह के भीतर चुनाव करा लिया जाएगा। लेकिन अब तक कोई चुनाव नहीं हुआ, और यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना का मामला बन गया है।

मुख्य सचिव अलका तिवारी कोर्ट में सशरीर उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रिपल टेस्ट के बाद ही शहरी निकाय चुनाव कराने का निर्णय लिया है। इसपर अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह ट्रिपल टेस्ट और संबंधित आदेश की प्रति रिकार्ड पर पेश करे। अदालत ने अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में भी कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान नगर विकास सचिव सुनील कुमार भी मौजूद थे।अवमानना याचिका में पूर्व पार्षद रोशन खलखो और अन्य ने दावा किया है कि सरकार लगातार चुनाव को टाल रही है। अधिवक्ता विनोद सिंह ने अदालत को बताया कि एक साल पहले ही चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए। उनके अनुसार, निकायों में जनप्रतिनिधियों के अभाव के कारण जनता के सामान्य कामकाज और स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

हाईकोर्ट की यह टिप्पणी राज्य सरकार के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि संविधान और कानून को दरकिनार नहीं किया जा सकता, और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य है। अगली सुनवाई में कोर्ट चुनाव की स्थिति, सरकार की तैयारी और ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया की समीक्षा की हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहरी निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर राज्य सरकार पर सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने मुख्य सचिव अलका तिवारी से सवाल करते हुए कहा कि संविधान और राज्य कानून के अनुसार हर पांच साल में शहरी निकाय चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार इसे अनदेखा कर रही है।

यह टिप्पणी हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रोशनी खलखो और अन्य द्वारा दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि चुनाव में देरी की वजह क्या है और क्यों सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुरेश महाजन केस के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन अब तक नहीं किया गया। अदालत ने याद दिलाया कि एक जनवरी 2014 को राज्य में तीन माह के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था। तब मुख्य सचिव ने 16 जनवरी 2025 को अंडर टेकिंग दी थी कि चार माह के भीतर चुनाव करा लिया जाएगा। लेकिन अब तक कोई चुनाव नहीं हुआ, और यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना का मामला बन गया है।मुख्य सचिव अलका तिवारी कोर्ट में सशरीर उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रिपल टेस्ट के बाद ही शहरी निकाय चुनाव कराने का निर्णय लिया है। इसपर अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह ट्रिपल टेस्ट और संबंधित आदेश की प्रति रिकार्ड पर पेश करे। अदालत ने अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में भी कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान नगर विकास सचिव सुनील कुमार भी मौजूद थे।

अवमानना याचिका में पूर्व पार्षद रोशन खलखो और अन्य ने दावा किया है कि सरकार लगातार चुनाव को टाल रही है। अधिवक्ता विनोद सिंह ने अदालत को बताया कि एक साल पहले ही चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए। उनके अनुसार, निकायों में जनप्रतिनिधियों के अभाव के कारण जनता के सामान्य कामकाज और स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

हाईकोर्ट की यह टिप्पणी राज्य सरकार के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि संविधान और कानून को दरकिनार नहीं किया जा सकता, और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य है। अगली सुनवाई में कोर्ट चुनाव की स्थिति, सरकार की तैयारी और ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया की समीक्षा की हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहरी निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर राज्य सरकार पर सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने मुख्य सचिव अलका तिवारी से सवाल करते हुए कहा कि संविधान और राज्य कानून के अनुसार हर पांच साल में शहरी निकाय चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार इसे अनदेखा कर रही है। यह टिप्पणी हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रोशनी खलखो और अन्य द्वारा दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि चुनाव में देरी की वजह क्या है और क्यों सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुरेश महाजन केस के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन अब तक नहीं किया गया। अदालत ने याद दिलाया कि एक जनवरी 2014 को राज्य में तीन माह के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था। तब मुख्य सचिव ने 16 जनवरी 2025 को अंडर टेकिंग दी थी कि चार माह के भीतर चुनाव करा लिया जाएगा। लेकिन अब तक कोई चुनाव नहीं हुआ, और यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना का मामला बन गया है। मुख्य सचिव अलका तिवारी कोर्ट में सशरीर उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रिपल टेस्ट के बाद ही शहरी निकाय चुनाव कराने का निर्णय लिया है। इसपर अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह ट्रिपल टेस्ट और संबंधित आदेश की प्रति रिकार्ड पर पेश करे। अदालत ने अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में भी कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान नगर विकास सचिव सुनील कुमार भी मौजूद थे।

अवमानना याचिका में पूर्व पार्षद रोशन खलखो और अन्य ने दावा किया है कि सरकार लगातार चुनाव को टाल रही है। अधिवक्ता विनोद सिंह ने अदालत को बताया कि एक साल पहले ही चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए। उनके अनुसार, निकायों में जनप्रतिनिधियों के अभाव के कारण जनता के सामान्य कामकाज और स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों पर प्रतिकूल असर पड़ा है।हाईकोर्ट की यह टिप्पणी राज्य सरकार के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि संविधान और कानून को दरकिनार नहीं किया जा सकता, और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य है। अगली सुनवाई में कोर्ट चुनाव की स्थिति, सरकार की तैयारी और ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया की समीक्षा की