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Thursday, May 21, 2026

सेटलमेंट के नाम पर रिश्वतखोरी का खुलासा, केमिकल टेस्ट में पुष्टि के बाद CBI ने दबोचे अधिकारी

सेटलमेंट के नाम पर रिश्वतखोरी का खुलासा, केमिकल टेस्ट में पुष्टि के बाद CBI ने दबोचे अधिकारी

 गिरिडीह : सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की बड़ी कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। धनबाद से पहुंची सीबीआई टीम ने घूसखोरी के आरोप में जीएसटी विभाग के सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों अधिकारियों पर एक व्यवसायी से मामले को सेटल करने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार बिरनी प्रखंड के खाखीपीपर निवासी राजू अंसारी ने सीबीआई से शिकायत की थी कि वर्ष 2023 में उन्हें करीब 95 लाख रुपये के जीएसटी टैक्स भुगतान का नोटिस भेजा गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस पूरे मामले में उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट अनीश कुमार सेठ और जीएसटी कार्यालय के अधिकारियों ने मिलकर दबाव बनाने की कोशिश की। लगातार तीन बार नोटिस मिलने के बाद जब वे मामले की जानकारी लेने कार्यालय पहुंचे तो उन्हें पूरे प्रकरण में गड़बड़ी का संदेह हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में अधिकारियों और सीए द्वारा मामले को निपटाने के लिए 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। इसके बाद राजू अंसारी ने धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। सीबीआई के निर्देश पर बातचीत के जरिए रिश्वत की रकम घटाकर 65 हजार रुपये तय की गई। योजना के तहत बुधवार को शिकायतकर्ता 50 हजार रुपये लेकर गिरिडीह स्थित सेंट्रल जीएसटी कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि अधिकारियों ने सीधे रिश्वत लेने के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से रकम मंगवाई और उसे सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी के घर भिजवाया। सीबीआई टीम पहले से ही पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थी। सीबीआई ने रिश्वत की रकम पर विशेष केमिकल लगाया था। रकम स्वीकार किए जाने के बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि सीबीआई इंस्पेक्टर रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान करीब 13 घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दबाव बढ़ने पर सुपरिटेंडेंट के घर से कथित घूस की रकम भी बरामद की गई। बाद में केमिकल टेस्ट में रिश्वत लेने की पुष्टि होने के बाद दोनों अधिकारियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी का जल्द ही सेवानिवृत्ति पूर्व फेयरवेल कार्यक्रम जमशेदपुर में प्रस्तावित था। लेकिन सीबीआई की इस कार्रवाई ने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद गिरिडीह जीएसटी कार्यालय में पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कर्मचारी और अधिकारी मामले को लेकर खुलकर कुछ भी बोलने से बचते रहे। वहीं इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि मामले की गहराई से जांच हुई तो इसमें और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सीबीआई पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।