नामकुम थाना हाजत में एक आरोपी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है. वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने ड्यूटी में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वहीं दो चौकीदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उपायुक्त को अनुशंसा भेजी गई है.रांची (RANCHI): नामकुम थाना हाजत में एक आरोपी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है. वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने ड्यूटी में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वहीं दो चौकीदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उपायुक्त को अनुशंसा भेजी गई है.
बुंडू थाना प्रभारी को सौंपी गई जांच
एसएसपी ने बताया कि हाजत की निगरानी में तैनात सहायक अवर निरीक्षक प्रभुवन कुमार, हवलदार सुधीर शर्मा, हवलदार गयानंद, आरक्षी मुकेश ठाकुर और राहुल प्रताप सिंह को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. इसके अलावा चौकीदार रेहान अंसारी और महानंद टोप्पो के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी को निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. पूरे मामले की जांच बुंडू थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा को सौंपी गई है.क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार साइको कुंडापूर्ती की रहने वाली एक महिला ने जगाई मुंडा पर अपने 12 वर्षीय बेटे रमेश हजाम के अपहरण और हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जांच के दौरान पुलिस ने रामगढ़ के घाटों भुईयाडीह जंगल से जगाई को गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया गया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि महिला के साथ उसका पिछले पांच-छह वर्षों से प्रेम संबंध था. बाद में उसकी पत्नी को इस संबंध की जानकारी होने के बाद दोनों के बीच दूरी बन गई थी
बताया गया कि 1 मार्च को बीआईटी मेसरा रेलवे लाइन के पास दोनों की मुलाकात हुई थी, जहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया. गुस्से में जगाई ने महिला को धमकी दी थी कि अगर वह किसी और से संबंध रखेगी तो उसके बेटे को जान से मार देगा.
इसके बाद आरोपी ने 2 फरवरी को नामकुम के ब्यांगडीह स्थित नावामसकल स्कूल से बच्चे का अपहरण कर लिया. वह बाइक से उसे भुईयाडीह जंगल ले गया, जहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. पहचान छिपाने के लिए उसने बच्चे के चेहरे को पत्थर से कुचल दिया. बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर नामकुम थाना की हाजत में रखा था, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली
घटना की सूचना मिलने पर मृतक की पत्नी पार्वती देवी और बेटा सिंगा मुंडा रिम्स पहुंचे. पोस्टमार्टम के बाद परिजन नामकुम थाना पहुंचे और डीएसपी मुख्यालय प्रथम अमर कुमार पांडेय से मुलाकात की. इस दौरान जगाई की पत्नी ने अपने तीन बच्चों की पढ़ाई और भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने की मांग प्रशासन से की है.










