Subscribe Us

Advertisement

Advertisement

Advertisement

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Monday, July 6, 2026

अवैध बालू-पत्थर ढुलाई से छलनी हुई सड़कें, जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने प्रशासन को घेरा/पत्रकार दया शंकर सिंह


सरायकेला खरसावां कुकड़ू : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अवैध बालू एवं पत्थर के परिवहन को लेकर एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि स्वर्णरेखा नदी किनारे स्थित तिरूलडीह, पोइलोंग, जारगो, सापादा तथा आसपास के क्षेत्रों से बिना नंबर की जेसीबी मशीनों और ओवरलोड हाइवा के माध्यम से रात के अंधेरे में अवैध खनन सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। इससे क्षेत्र की सड़कें तेजी से जर्जर हो रही हैं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मिलन चौक से तिरुलडीह, कुकड़ू, सपादा, सिरुम, झिमरी, बान्दू एवं आदरडीह तक की सड़कें जगह-जगह बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। खराब सड़कों के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और दैनिक यात्रियों का आवागमन प्रभावित हो रहा है जबकि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मधुश्री महतो ने आरोप लगाया कि यदि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर समय रहते प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र का सड़क नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। उन्होंने संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने याद दिलाया कि झारखंड में 10 जून से 15 अक्टूबर तक NGT के निर्देश प्रभावी रहते हैं जिसके तहत केवल पर्यावरण स्वीकृत (EC) स्टॉक से ही बालू के उठाव और परिवहन की अनुमति है। इसके बावजूद यदि नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है तो संबंधित विभागों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। जिला परिषद उपाध्यक्ष ने बिना नंबर की जेसीबी मशीनों और हाइवा की तत्काल जब्ती, जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जनहित, सड़क सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रशासन को अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि प्रभावी कार्रवाई करनी होगी