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Saturday, June 6, 2026

झारखंड प्रदेश के इन जिलों में 1 से 3 घंटे में बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट/संपादक विशेष कुमार तांती

Jharkhand : रांची। अगले 1 से 3 घंटे में झारखंड के कई जिलों में गर्जन के साथ वज्रपात (आसमानी बिजली) की आशंका है। कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। तेज हवा भी चलेगी। रांची के मौसम विभाग के केंद्र ने यह जानकारी दी है। इसे लेकर तात्‍कालिक अलर्ट जारी किया गया है। इसके मद्देनजर सावधान रहने की जरूरत है।
अलर्ट को देखते हुए सतर्क और सावधान रहें। सु‍रक्षित स्‍थान में शरण लें। पेड़ के नीचे खड़ा नहीं रहें। बिजली के पोल से दूर रहें। किसान अपने खेत में नहीं जाएं। मौसम सामान्‍य होने का इंतजार करें। बिजली के उपकरणों का उपयोग नहीं करें।इन जिलों में असर
मौसम केंद्र के मुताबिक गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, कोडरमा, सिमडेगा, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, जामताड़ा जिलों में कहीं-कहीं इसका असर देखने को मिलेगा। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा भी चलने के संकेत मिले हैं।

झारखंड प्रदेश के सरायकेला खरसांवा जिला के दलमा से ईचागढ़ तक हाथियों का पलायन बना चिंता का विषय, जंगल कटने और संसाधनों की कमी पर उठे सवाल /संपादक विशेष कुमार तांती

संपादक विशेष कुमार तांती/सरायकेला खरसावां : चांडिल वन क्षेत्र के ईचागढ़ विधानसभा अंतर्गत तूतां और दुलमीडीह जंगल में शनिवार को हाथियों का झुंड जलाशय के आसपास विचरण करता देखा गया. पिछले कई वर्षों से दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी के हाथी ईचागढ़, चांडिल, नीमडीह और कुकड़ू प्रखंडों में स्थायी रूप से डेरा डाले हुए हैं. इससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है.स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग 193 वर्ग किलोमीटर में फैली दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी हाथियों का प्राकृतिक आवास है, लेकिन भोजन और पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण हाथी अपने पारंपरिक क्षेत्र को छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं. ग्रामीणों का सवाल है कि वन्यजीव संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हाथियों को उनके आवास में आवश्यक संसाधन क्यों नहीं मिल पा रहे हैं.
पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण, दूसरी ओर पेड़ों की कटाई
विश्व पर्यावरण दिवस पर जहां बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पर्यटन विकास के नाम पर जंगलों में कॉटेज और अन्य संरचनाओं के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई किए जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि जंगलों के लगातार सिकुड़ने से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है.ईको सेंसिटिव जोन में विकास बनाम संरक्षण की बहस
दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी को ईको सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है. इसके बावजूद क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि वन्यजीवों के आवास पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.बंगाल के अयोध्या पहाड़ क्षेत्र का भी असर जानकारों के अनुसार पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित अयोध्या पहाड़ क्षेत्र में बढ़ते निर्माण कार्यों और पर्यटन गतिविधियों के कारण भी हाथियों के पारंपरिक मार्ग और आवास प्रभावित हुए हैं. इसका असर झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां हाथी भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं.बढ़ रहा मानव-हाथी संघर्षहाथियों के गांवों और कृषि क्षेत्रों में पहुंचने से फसल क्षति, संपत्ति नुकसान और जनहानि की घटनाएं बढ़ी हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जंगलों में पर्याप्त जल स्रोत, चारा और सुरक्षित आवास विकसित किए जाएं तो हाथियों का पलायन कम हो सकता है.
स्थायी समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए हाथियों के पारंपरिक आवासों का संरक्षण, जल स्रोतों का विकास, वन क्षेत्र का विस्तार और हाथी कॉरिडोर को सुरक्षित रखना जरूरी है. पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करना समय की आवश्यकता बन गई है.

Friday, June 5, 2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर सीआरपीएफ का हरित संकल्प, 134वीं बटालियन ने लगाए 500 पौधे/संपादक विशेष कुमार तांती (बाबू तांती)

 सरायकेला: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प के साथ व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। बटालियन के जरायेकेला स्थित डेट मुख्यालय एवं दुगनी स्थित बटालियन मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, जवानों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर लगभग 500 पौधे लगाए।जरायेकेला डेट मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व कमांडेंट त्रिलोक नाथ सिंह ने किया, जबकि दुगनी मुख्यालय में द्वितीय कमान अधिकारी दीपेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पौधारोपण अभियान संचालित हुआ। इस दौरान कैंप परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में नीम, आम, जामुन, गुलमोहर, अमरूद, कचनार, शीशम और अशोक सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट त्रिलोक नाथ सिंह ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकटों के बीच वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित विश्व पर्यावरण दिवस विश्व का सबसे बड़ा वार्षिक पर्यावरणीय जन-जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रेरित करना और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है।कमांडेंट ने अधिकारियों, जवानों एवं स्थानीय नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सहायक कमांडेंट पुरुषोत्तम वर्मा, अन्य अधीनस्थ अधिकारी, जवान एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से सीआरपीएफ 134वीं बटालियन ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए समाज को हरित और स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संदेश दिया।

Thursday, June 4, 2026

सरायकेला खरसांवा जिला में भट्ठियां टूटीं, संचालक फिर फरार! आबकारी विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल/संपादक विशेष कुमार तांती (बाबू तांती)

संपादक  विशेष कुमार तांती (बाबू तांती)/सरायकेला: सरायकेला जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा करने वाले आबकारी विभाग की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामले में सरायकेला उत्पाद विभाग ने कुचाई थाना क्षेत्र के जिलिंगदा गांव में छापेमारी कर चार अवैध चुलाई भट्टियों को ध्वस्त करने, लगभग 1300 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट करने तथा 30 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद करने की जानकारी दी है। विभाग ने कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो भी मीडिया को जारी किए हैं।हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी अवैध कारोबार के कथित संचालक विभाग की पकड़ से बाहर रहे। विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि संचालक फरार हैं तथा उनके विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। लेकिन किन व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है अथवा किसे मुख्य आरोपी बनाया गया है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।इसी बात को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग नियमित रूप से अवैध शराब भट्टियों को ध्वस्त करने और भारी मात्रा में जावा महुआ नष्ट करने की जानकारी देता है, लेकिन कार्रवाई के दौरान वास्तविक संचालकों की गिरफ्तारी नहीं होने से अभियान की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि विभाग अवैध कारोबार को पूरी तरह समाप्त करना चाहता है तो केवल भट्टियां तोड़ने के बजाय इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क और संचालकों तक पहुंचना आवश्यक है। लगातार संचालकों के फरार रहने और उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने से विभाग की कार्रवाई को लेकर संदेह की स्थिति बन रही है।विभाग की ओर से यह जरूर कहा गया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं आम जनता अब यह जानना चाहती है कि आखिर अवैध कारोबार के मुख्य संचालकों की गिरफ्तारी कब होगी और उनके नामों का खुलासा कब किया जाएगा।फिलहाल जिले में अवैध शराब के खिलाफ जारी अभियान के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि भट्टियां तो लगातार ध्वस्त हो रही हैं, लेकिन उनके संचालक आखिर कब तक कानून की पकड़ से बाहर रहेंगे?

सरायकेला भाजपा जिलाध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान को आया दिल का दौरा, मेडिट्रिना में सफल एंजियोप्लास्टी के बाद स्वास्थ्य में सुधार/संपादक विशेष कुमार तांती बाबू तांती

संपादक विशेष कुमार तांती /सरायकेला-खरसावां भाजपा के जिलाध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान को गुरुवार को अचानक दिल का दौरा पड़ने के बाद आदित्यपुर स्थित मेडिट्रिना अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम ने तत्काल एंजियोप्लास्टी की, जो सफल रही। अस्पताल सूत्रों के अनुसार समय रहते ब्लॉकेज हटाए जाने से उनकी स्थिति अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। फिलहाल उन्हें आईसीयू में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोगों ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली, जबकि सोशल मीडिया पर भी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाओं का सिलसिला जारी है। क्षेत्रवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके जल्द स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा में सक्रिय होने की प्रार्थना की है।

Tuesday, June 2, 2026

Adityapur : आरआईटी थाना को मिला नया प्रभारी, रविकांत पाराशर ने संभाली कमान/संपादक विशेष कुमार तांती

संपादक विशेष कुमार तांती/आदित्यपुर 2 आरआईटी थाना को नया थाना प्रभारी मिल गया है। मंगलवार को सब इंस्पेक्टर रविकांत पाराशर ने औपचारिक रूप से थाना प्रभारी का पदभार ग्रहण किया।उन्होंने पूर्व थाना प्रभारी संजीव कुमार सिंह का स्थान लिया। पदभार संभालने के बाद रविकांत पाराशर ने क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया।उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, नशाखोरी पर अंकुश, अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। असामाजिक तत्वों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगेनए थाना प्रभारी ने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद एवं विश्वास कायम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि थाना आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा और उसका त्वरित समाधान करने का प्रयास होगा।साथ ही थाना परिसर में लोगों को सम्मानजनक एवं सहज वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आम नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं पुलिस के समक्ष रख सकें।

Sunday, May 31, 2026

जेपीएल के ओपनिंग में शामिल होंगे सचिन और धोनी! जानिए मैच का शेड्यूल/संपादक विशेष कुमार तांती

 (RANCHI): झारखंड प्रीमियर लीग (जेपीएल) का बहुप्रतीक्षित उद्घाटन 10 जून को रांची स्थित जेएससीए स्टेडियम में भव्य अंदाज में किया जाएगा. लीग के उद्घाटन समारोह को यादगार बनाने के लिए आयोजकों ने विशेष तैयारियां की हैं. कार्यक्रम में झारखंड की संस्कृति और कला की झलक देखने को मिलेगी, जहां स्थानीय कलाकार अपने रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे. पारंपरिक और आधुनिक प्रस्तुतियों का संगम समारोह को खास बनाने वाला है

उद्घाटन समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय क्रिकेट जगत के दो महान नामों की मौजूदगी होगी. क्रिकेट के दिग्गज Sachin Tendulkar के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. वहीं रांची के गौरव और पूर्व भारतीय कप्तान Mahendra Singh Dhoni की मौजूदगी भी समारोह की शान बढ़ाएगी. धौनी का अपने गृह राज्य में होने वाले इस बड़े आयोजन से जुड़ना क्रिकेट प्रेमियों के लिए विशेष उत्साह का विषय माना जा रहा हैआयोजकों के अनुसार, उद्घाटन समारोह को भव्य और यादगार बनाने के लिए कई विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है. खेल, मनोरंजन और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को भी आमंत्रित किया गया है. ऐसे में स्टेडियम में दर्शकों को क्रिकेट और मनोरंजन का शानदार संगम देखने को मिल सकता हैझारखंड प्रीमियर लीग का उद्देश्य राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देना है. इस लीग के जरिए झारखंड के उभरते क्रिकेटरों को पहचान मिलने की उम्मीद है. उद्घाटन समारोह के साथ ही लीग का रोमांचक सफर शुरू होगा, जिस पर क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं। आयोजन को लेकर खिलाड़ियों, प्रशंसकों और खेल प्रेमियों में अभी से खासा उत्साह देखा जा रहा है