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Thursday, March 19, 2026

Bengal Politics 2026: बंगाल का M-फैक्टर, ममता बनर्जी का मुस्लिम वोट बैंक और 2026 विधानसभा चुनाव की असली लड़ाई(पत्रकार दया शंकर सिंह)

Bengal Politics 2026(पत्रकार दया शंकर सिंह) : पश्चिम बंगाल की राजनीति को समझना हो, तो एक बात साफ है, यहाँ सत्ता का रास्ता मुस्लिम बहुल इलाकों से होकर गुजरता है। राज्य में मुसलमानों की आबादी करीब 27 फीसदी है, और इस वोट बैंक पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पकड़ पिछले डेढ़ दशक में इतनी मजबूत हो गई है कि अब यह ममता बनर्जी की सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी मानी जाती है।

2026 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, ममता का यह ‘M-फैक्टर’ यानी मुस्लिम फैक्टर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। खुद ममता बनर्जी ने हाल ही में एक सभा में कहा “हम हैं, इसीलिए आप सब सुरक्षित हैं। अगर हम न रहे, तो एक सेकंड लगेगा 12 बजाने में।  इस बयान की जितनी आलोचना हुई, उतनी ही ममता की समर्थकों में तालियाँ भी बजीं।

Bengal Politics 2026: 2011 से कैसे शुरू हुआ यह सफर?

2011 से पहले बंगाल का मुस्लिम वोटर मुख्य रूप से लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस के बीच बंटा हुआ था। ममता ने इस समीकरण को बदला और बड़ी चालाकी से।

उन्होंने सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को हथियार बनाया और बार-बार कहा कि 34 साल के वामपंथी शासन में मुसलमानों की हालत दलितों से भी खराब हो गई है। इसके बाद सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन आए, जिनमें विस्थापित होने वाले किसानों में बड़ी तादाद मुस्लिमों की थी। ममता उनके साथ खड़ी हुईं और खुद को उनका ‘रक्षक’ साबित किया।

नतीजा यह रहा कि कांग्रेस और लेफ्ट का कैडर धीरे-धीरे TMC की तरफ खिसक गया, और एक बार जो भरोसा बना, वह हर चुनाव में और गहरा होता गया।

*योजनाएं, इफ्तार और इनवेस्टमेंट: दीदी की तीन ताकत

*ममता बनर्जी ने सिर्फ भाषण नहीं दिए। उन्होंने जमीनी स्तर पर ऐसे काम किए जिनका सीधा असर मुस्लिम समाज पर पड़ा।

पहली ताकत, सरकारी योजनाएं: 2012 में इमामों के लिए मासिक भत्ता शुरू किया गया। इस फैसले पर विवाद हुआ, लेकिन इसने मजहबी नेतृत्व के बीच ममता की साख पक्की कर दी। इसके साथ ही मदरसा आधुनिकीकरण कार्यक्रम, ‘ऐक्यश्री’ स्कॉलरशिप और ‘कन्याश्री’ जैसी योजनाओं का लाभ मुस्लिम लड़कियों तक पहुँचाया गया। 2026 के चुनाव से पहले ममता सरकार ने अंतरिम बजट में अल्पसंख्यक मामलों के लिए 5,713 करोड़ रुपए का प्रावधान किया।

दूसरी ताकत, सम्मान की राजनीति: ममता का सिर पर पल्लू रखकर इफ्तार पार्टियों में जाना और मंच से दुआएं पढ़ना महज दिखावा नहीं था। यह उस समुदाय को सम्मान देने का तरीका था, जिसे मुख्यधारा की राजनीति में अक्सर नजरअंदाज किया जाता था। मुस्लिम वोटरों को लगा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री उनके रीति-रिवाजों को खुलकर अपना रही है।

तीसरी ताकत, डर की राजनीति: जब-जब हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ा, ममता पर भले आरोप लगे, लेकिन उन्होंने हर बार खुद को मुस्लिम समुदाय का ढाल साबित किया। यह भरोसा आज उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।2021 का चुनाव: जब आंकड़े चौंका देते हैं

2021 का विधानसभा चुनाव एक टर्निंग पॉइंट था। BJP की आक्रामक लहर को देखते हुए बंगाल के मुसलमानों ने कांग्रेस और ISF जैसे दलों को लगभग पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।


राज्य की करीब 85 सीटें ऐसी हैं, जहाँ मुस्लिम वोट निर्णायक भूमिका में है। इनमें से 75 सीटें TMC ने जीतीं। जिलेवार आंकड़े देखें तो:


मुर्शिदाबाद: 22 में से 20 सीटें TMC को मिलीं

मालदा: 12 में से 8 सीटें

उत्तर दिनाजपुर: 9 में से 7 सीटें

बीरभूम: 11 में से 10 सीटें

दक्षिण 24 परगना: 31 में से 30 सीटें

यह आंकड़े बताते हैं कि मुस्लिम बहुल सीटों पर TMC की पकड़ कितनी मजबूत है।


2026 की रणनीति: ’75+75 का गणित’

294 सीटों वाली बंगाल विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटें चाहिए। ममता का गणित एकदम सीधा है। करीब 75 सीटें ऐसी हैं जहाँ मुस्लिम आबादी इतनी ज्यादा है कि BJP का जीतना लगभग नामुमकिन है। इन सीटों पर ममता की पकड़ पहले से पक्की मानी जाती है। बाकी 75 सीटें वे महिला वोटरों और ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं के दम पर हासिल करना चाहती हैं।


हुमायूं कबीर या AIMIM जैसे दलों से छुटपुट चुनौती आ सकती है, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटों पर वे TMC के असली वोट में ज्यादा सेंध नहीं लगा पाते।


आलोचना और असली सवाल

आलोचक पूछते हैं क्या ममता ने मुसलमानों को सिर्फ ‘वोट बैंक’ बनाकर रखा है? क्या इन योजनाओं से उनकी असली तरक्की हुई? यह सवाल जायज है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बंगाल का मुस्लिम वोटर ममता को अपनी ढाल मानता है। उन्होंने एक ऐसा नैरेटिव बना दिया है जिसमें TMC की हार को मुस्लिम अस्तित्व के लिए खतरा बताया जाता है। डर और सुरक्षा का यह मिश्रण बेहद शक्तिशाली है। चाहे इसे तुष्टिकरण कहा जाए या समावेशी राजनीति नतीजे हमेशा TMC के पक्ष में रहे हैं।


निष्कर्ष: 2026 में भी दीदी की राह आसान?

ममता बनर्जी ने पिछले 15 सालों में मुस्लिम राजनीति को ‘वोट’ से बदलकर ‘अस्तित्व’ की लड़ाई बना दिया है। आज बंगाल में BJP के खिलाफ मुस्लिम वोट बैंक एक मजबूत दीवार की तरह खड़ा है।


2026 के चुनाव में जब तक कोई बड़ा राजनीतिक भूचाल नहीं आता, ममता की यह ‘मुस्लिम किलेबंदी’ उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी रहेगी। विपक्ष के पास इस समीकरण को तोड़ने का कोई ठोस रास्ता फिलहाल नजर नहीं आता। बंगाल का M-फैक्टर यानी ममता का मुस्लिम फैक्टर 2026 में भी निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार है।

Monday, March 16, 2026

ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह के भतीजे आदित्यपुर से अंकुर सिंह बने आदित्यपुर नगर निगम के नए उप महापौर

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम में उप महापौर पद के लिए हुए चुनाव में अंकुर सिंह ने जीत दर्ज कर नई जिम्मेदारी संभाल ली। नगर निगम सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण चुनाव में कुल 35 पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जहां अंकुर सिंह और अर्चना सिंह के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली मतगणना पूरी होने के बाद घोषित परिणामों में अंकुर सिंह को 18 वोट प्राप्त हुए, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी अर्चना सिंह को 17 वोट मिले। इस प्रकार महज एक वोट के बेहद मामूली अंतर से अंकुर सिंह ने जीत हासिल कर आदित्यपुर नगर निगम के नए उप महापौर के रूप में अपनी जगह बना ली। परिणाम घोषित होते ही नगर निगम परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। अंकुर सिंह के समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और नारेबाजी कर जीत का जश्न मनाया।  निगम परिसर में फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। वहीं दूसरी ओर चुनाव का मुकाबला बेहद करीबी होने के कारण आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के हलकों में भी इस परिणाम को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।नवनिर्वाचित उप महापौर अंकुर सिंह ने अपनी जीत पर सभी पार्षदों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि आदित्यपुर नगर निगम के सभी जनप्रतिनिधियों और शहर की जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि शहर के समग्र विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी

Sunday, March 15, 2026

सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में आजाद भारत के सर्वप्रथम भूतपूर्व विधायक माननीय पान गुरु स्वर्गीय मुकुंदराम तांती जी के 124 वा जन्म जयंती समारोह धूम धाम से मनाया गया (पत्रकार दया शंकर सिंह)

सरायकेला (पत्रकार दया शंकर सिंह) सरायकेला खरसांवा जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 20 के नेशनल एंटी क्रॉप्सेशन कमेटी ऑफ इंडिया के कोल्हान प्रभारी विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती जी के कार्यालय परिसर के सामने स्थित आजाद भारत के प्रथम विधायक पान गुरु भूतपूर्व विधायक पान गुरु स्वर्गीय मुकुंदराम तांती जी के 124वीं जन्म जयंती में धूम धाम से मनाया गया इसका शुभ आरंभ गुरु जी के प्रतिमा पर विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती कोल्हान प्रभारी नेशनल एंटी क्रॉप्सेशन कमेटी ऑफ इंडिया के द्वारा माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया गया पूजा पाठ के साथ 
 इस अवसर सभी राजनीतिक दलों के नेता समाज सेवी ने भी पान गुरु भूतपूर्व विधायक मुकुंद राम तांती जो की टिस्को मजदूर यूनियन अध्यक्ष एवं झारखंड आंदोलन कारी नेता को श्रद्धांजलि अर्पित किया आदित्यपुर नगर निगम पूर्व महापौर प्रत्याशी रमेश बालमुचू एवं समाज सेवी चंद्र शेखर दास उफ़ चंदू जी जमशेदपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी पार्वती किस्कूयुवा नेता साहिल सोनकर समाज सेवी दीपू दासझा मु मो सरायकेला खरसावां महिला मोर्चा नेत्री ललिता सरकार एवं मिट्ठू सरकार पप्पू मुखी समाज सेवी बिस्टुपुर कदम हरिजन बस्तीजमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रंजीत दास सरायकेला खरसावां जिला वरिष्ठ समाज सेवी स भा ज पा नेता रंजीत प्रधानयुवा नेता विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती कोल्हान प्रभारी नेशनल एंटी क्रॉप्सेशन कमेटी ऑफ इंडिया स जिला अध्यक्ष ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस स पूर्व महापौर प्रत्याशी आदित्यपुर नगर निगम 
सरोज साहू समाज सेवीआदित्यपुर नगर निगमभा ज पा नेता महिंद्र प्रसाद बांसवाला 

आजाद भारत के प्रथम विधायक पान गुरु मुकुंद राम तांती जी की 143जन्म जयंती समारोह में शामिल हुए जमशेदपुर पूर्व विधायक प्रत्याशी रंजीत दास (पत्रकार दया शंकर सिंह)

आज दिनांक 15/03/26 को सरायकेला खरसांवा जिला के आदित्यपुर नगर निगम वार्ड नंबर 20 स्थित नेशनल एंट्री कार्प्शन कमेटी ऑफ इंडिया के कोल्हान प्रमंडल कार्यकाल परिसर में स्थित पूर्व विधायक मुकुंद राम तांती जी प्रतिमा पर माला अर्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया जमशेदपुर पूर्व के  विधायक प्रत्याशी रंजीत दास जी ने साथ हे केक काटा इस अवसर पर भा ज पा नेता रंजीत प्रधान, युवा नेता विशेष कुमार ( बाबू तांती), पूर्व महापौर प्रत्याशी रमेश बालमुचों,जमशेदपुर के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पार्वती किस्कू,सरोज शाहू, पाकुल दास,दीपू दास,साहिल सोनकर,मिट्ठू सरकार,ललिता सरकार आदि समाज सेवी लोगो ने पान गुरु मुकुंद राम तांती जी को जन्मदिन के शुभ अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की पान गुरु मुकुंद राम तांती जी स्वतंत्रता सेनानी के साथ आजाद भारत के प्रथम विधायक थे उसके बाद टिस्को जोड़ा माइंस के मजदूर यूनियन अध्यक्ष थे एवं झारखंड अलग राज्य के मार्ग दर्शक थे 

Saturday, March 14, 2026

*पूर्व विधायक मुकुंद राम तांती जी की जन्म जयंती समारोह सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में धूम धाम से मनाया जा रहा है संपादक दया शंकर सिंह*

भारतीय स्वतंत्रता सेनानी स आजाद भारत के प्रथम बिधायक सन 1952 बहरागोड़ा पान गुरु स्वर्गीय मुकुंद राम तांती जी टिस्को मजदूर यूनियन अध्यक्ष जोड़ा माइंस के साथ साथ अलग झारखंड राज्य के नेता भी थे जिनका जन्म 15 मार्च 1902 को हुआ था  हमेशा समाज के भलाई के लिए कार्यरत रहे जिनका जन्म जयंती समारोह नेशनल एंटी क्रॉप्सेशन कमेटी ऑफ इंडिया के कोल्हान प्रभारी विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती जी के कार्यालय परिसर के पास स्थापित स्मारक में श्रद्धांजलि अर्पित कर जन्म जयंती समारोह मनाया गया साथ ही जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के  पूर्व प्रत्याशी रंजीत दास द्वारा केक काटा गया,इस कार्यक्रम में सभी राजनीतक दल के नेता समाज सेवी ने गुरु जी को जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की 

Tuesday, March 10, 2026

आदित्यपुर में फैक्ट्री प्रदूषण के खिलाफ पूर्व मेयर प्रत्याशी रवींद्र बास्के का प्रहार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपा ज्ञापन

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित Swift Strips India Pvt. Ltd. से निकल रहे काले धुएँ और बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर समाजसेवी रवींद्र बास्के ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त फैक्ट्री से लगातार अत्यधिक मात्रा में काला धुआँ निकल रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में गंभीर वायु प्रदूषण फैल रहा है। विशेष रूप से वार्ड संख्या 10 के कृष्णापुर, पार्वतीपुर, राहरगोड़ा और मिरुडीह के निवासी इस समस्या से काफी परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार फैक्ट्री से निकलने वाले धुएँ के कारण घरों की दीवारें और छतें काली हो रही हैं तथा बाहर सुखाए गए कपड़ों पर कालिख जम जाती है।
इसके साथ ही लोगों को सांस लेने में दिक्कत, लगातार खाँसी और आँखों में जलन जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह स्थिति Air (Prevention and Control of Pollution) Act, 1981, Water (Prevention and Control of Pollution) Act, 1974 तथा Environment (Protection) Act, 1986 के प्रावधानों के विपरीत प्रतीत होती है, जिनका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
रवींद्र बास्के ने मांग की है कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा फैक्ट्री का तत्काल स्पॉट निरीक्षण कराया जाए और यदि प्रदूषण मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है तो नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर जनसमस्या पर शीघ्र संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की अपील की है।

Sunday, March 8, 2026

रेलवे के हर विभाग में महिलाएं निभा रहीं अहम भूमिका: डीआरएम तरुण हुरिया महिलाओं के हाथों में आदित्यपुर रेलवे स्टेशन की कमान, महिला दिवस पर डीआरएम ने की सराहना

Reportar Daya Shankar Singh आदित्यपुर : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आदित्यपुर रेलवे स्टेशन परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन इनर व्हील क्लब जमशेदपुर के तत्वावधान में किया गया चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण कुमार हुरिया मुख्य अतिथि के रूप में अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत महिला कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित करना और उनका मनोबल बढ़ाना था। समारोह को संबोधित करते हुए डीआरएम तरुण कुमार हुरिया ने कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी दक्षता का परिचय दे रही हैं। उन्होंने बताया कि मंडल में करीब 2000 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं जो लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, टीटीई, आरपीएफ और सिग्नल मेंटेनर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि आदित्यपुर रेलवे स्टेशन का संचालन अब पूरी तरह महिलाओं के हाथों में है जो नारी सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। कार्यक्रम में एडीआरएम अजीतेंद्र त्रिपाठी और सीनियर डीसीएम आदित्य कुमार चौधरी भी उपस्थित रहे। वहीं इनर व्हील क्लब की प्रेसिडेंट एग्निस बॉयल, पूर्व अध्यक्ष मंजू सिंह और पीडीसी अलोका नंद बक्शी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इस अवसर पर अर्चना सिंह, विद्या तिवारी, कनक सिंघल, पुष्पलता और चंचला सिंह समेत बड़ी संख्या में महिला रेल कर्मी उपस्थित थीं। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया और महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।