सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और महिला सुरक्षा को लेकर भाजपा नेता सतीश शर्मा जी ने कहा आम लोगों के बीच चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच चारपहिया वाहनों में काला शीशा (ब्लैक फिल्म/टिंटेड ग्लास) के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। लोगों का कहना है कि चाहे निजी कार हो, थार हो, किसी नेता की गाड़ी हो या किसी अधिकारी का वाहन—सभी पर एक समान नियम लागू होना चाहिए
भाजपा नेता सतीश शर्मा जी का कहना है कि जब वाहनों पर नियम सबके लिए समान हैं, तो फिर कुछ प्रभावशाली लोगों के वाहनों में काला शीशा क्यों दिखाई देता है। जनता का मानना है कि नेता और अधिकारी जनसेवक होते हैं, इसलिए उनके वाहनों में पारदर्शिता और नियमों का पालन और अधिक जरूरी है।
लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब गाड़ियों पर झंडा लगाने को लेकर स्पष्ट नियम हैं और उसका उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाती है, तो काला शीशा लगे वाहनों पर समान सख्ती क्यों नहीं दिखती। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन अधिकतर बाइक चालकों का हेलमेट और ऑटो चालकों का यूनिफॉर्म ही जांचता नजर आता है, जबकि चारपहिया वाहनों में नियमों के उल्लंघन पर अपेक्षित स्तर की कार्रवाई नहीं होती।
इस संबंध में जनता के हित को देखते हुए भाजपा नेता सतीश शर्मा जी ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जिले में चलने वाले सभी चारपहिया वाहनों की विशेष जांच अभियान चलाकर काला शीशा लगे वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि महिला सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।










