Subscribe Us

Advertisement

Advertisement

Advertisement

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Monday, April 20, 2026

नारी शक्ति वंदन बिल पर सियासी संग्राम, सरायकेला में भाजपा महिला मोर्चा का विपक्ष पर हमला बिल का गिरना महिलाओं के साथ अन्याय : रितिका मुखी ने विपक्ष पर साधा निशाना (पत्रकार दया शंकर सिंह)

पत्रकार दया शंकर सिंह : नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में सियासी घमासान तेज हो गया है। इसी कड़ी में सरायकेला में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रितिका मुखी ने बिल के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है रितिका मुखी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन बिल का पारित न हो पाना देश की महिलाओं के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की आधी आबादी से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका जो चिंताजनक है। उन्होंने प्रियंका गांधी पर भी सीधा हमला करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पौत्री होने के बावजूद उन्होंने इस बिल का विरोध किया जिससे महिलाओं के हितों को नुकसान पहुंचा है। रितिका मुखी ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी। इसके साथ ही उन्होंने परिसीमन को लेकर उठाए जा रहे सवालों को विपक्ष का एजेंडा करार देते हुए कहा कि इस बिल को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए बल्कि सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। रितिका मुखी ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह के महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक सहमति बनेगी और महिलाओं के हित में ठोस निर्णय लिए जाएंगे।