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हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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Saturday, October 18, 2025

जमशेदपुर के छोटे से कस्बे मुसाबनी से निकलकर विश्व मंच पर अपनी छाप छोड़ने वाली मालोती हेम्ब्रम ने बर्लिन शिखर सम्मेलन* में भारत का प्रतिनिधित्व कर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया! संपादक विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती


जमशेदपुर के छोटे से कस्बे  मुसाबनी  से निकलकर विश्व मंच पर अपनी छाप छोड़ने वाली  मालोती हेम्ब्रम  ने  बर्लिन शिखर सम्मेलन* में भारत का प्रतिनिधित्व कर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया! इस होनहार बेटी ने न केवल आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और ताकत को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया, बल्कि अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से यह साबित कर दिखाया कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। 

मालोती की यह उपलब्धि हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने जुनून और कठिन परिश्रम से असंभव को संभव बनाना चाहता है। उनके इस ऐतिहासिक कदम ने न सिर्फ़ झारखंड को, बल्कि पूरे भारत को गौरवान्वित किया है। उनके आत्मविश्वास, साहस और समर्पण की कहानी हर दिल को छू रही है। 

आइए, हम सब मिलकर इस अनमोल रत्न को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएँ दें और उनके इस गौरवमयी सफर का उत्सव मनाएँ! मालोती, तुम पर हमें नाज़ है! 

Adityapur Accident : बस की चपेट में आने से सालडीह बस्ती के युवक की मौत, संपादक विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती

आदित्यपुर : सालड़ीह बस्ती, आदित्यपुर निवासी गोलू महतो (उम्र लगभग 24 वर्ष) की शुक्रवार दोपहर करीब 12:40 बजे इमली चौक के पास एक बस की चपेट में आने की वजह से मौत हो गई. घटना के समय मृतक अपनी स्कूटी से काम से कहीं जा रहा था. 
इसी दौरान उक्त बस ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी, जिसके कारण वह जख्मी होकर सड़क पर गिर पड़ा.घटना के बाद एकत्रित लोगों ने गोलू को उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाया. परन्तु रास्ते में हीं उसकी मौत हो गई.
 
उधर, घटना के बाद एकत्रित स्थानीय लोगों ने बस और बस के चालक को आदित्यपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया. वहीं, आदित्यपुर पुलिस के द्वारा बस को जब्त कर लिया गया है तथा मामले की जांच शुरु कर दी गई है.

Friday, October 17, 2025

Adityapur News : ऑटो प्रोफाइल कंपनी ने मृतक श्रमिक के परिजनों को दिया 7 लाख का मुआवजा परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी मिलेगी, पूर्व उपमहापौर प्रत्याशी उत्तम पात्रा, भा ज पा नेता रंजीत प्रधान, अभिजीत महतो,आदि समाजसेवी कंपनी में वार्ता के समय उपस्थित थे

पत्रकार दया शंकर सिंह: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित ऑटो प्रोफाइल लिमिटेड प्लांट-3 में कार्यरत शांतनू बेहरा के परिजनो को 7 लाख रुपए की मुआवजा राशि मिलेगी. वहीं, मृतक के परिवार के एक सदस्य को कंपनी में नौकरी भी मिलेगी. मृतक के परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच हुई समझौता वार्ता में इस बात पर सहमति बनी. समझौता वार्ता के बाद कंपनी गेट के समक्ष धरना पर बैठे परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया.कंपनी गेट के समक्ष मृतक के शव के साथ धरना पर बैठ गए थे परिजन, मजदूरों का भी मिला साथ इससे पूर्व शुक्रवार सुबह उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब सड़क दुर्घटना में मृतक श्रमिक के शव के साथ मृतक के परिजनों ने कंपनी गेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था. मृतक श्रमिक मूल रूप से उड़ीसा के रहने वाले थे और वर्तमान में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के जुलुमटांड़ बस्ती में निवास कर रहे थे.

परिजनों के अनुसार, विगत मंगलवार की सुबह 6:00 बजे नाइट शिफ्ट की ड्यूटी समाप्त कर घर लौटते समय केंदु गाछ चौक के पास एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों के द्वारा उपचार हेतु टीएमएच अस्पताल पहुंचाने के बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.उसके बाद परिजन शुक्रवार सुबह मृतक के शव के साथ कंपनी गेट के समक्ष धरना पर बैठ गए. परिजनों के अनुसार, मृतक के उपचार मद में लगभग ढाई से तीन लाख रुपये का खर्च आया है और कंपनी से उचित मुआवजे की मांग की जा रही है. वहीं, मृतक के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए बड़ी संख्या में मजदूर भी एकजुट होकर परिजनों के समर्थन में धरना पर बैठ गए.

Wednesday, October 15, 2025

Ghatshila Byelection:पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन किस तरकीब से जीती पहली जंग, अब आगे क्या, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई  सोरेन ने पहली लड़ाई जीत ली है. तमाम खींचतान के बीच अपने पुत्र  को घाटशिला उपचुनाव में एनडीए का प्रत्याशी बनवाने में सफलता हासिल कर ली है. जिस तरह से माहौल बन रहा था, उससे  ऐसा लग रहा था कि घाटशिला उपचुनाव में भाजपा किसी नए उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी, इसकी चर्चा भी थी और बातचीत भी आगे बढ़ चुकी थी. लेकिन अचानक बुधवार को चंपाई सोरेन के बेटे को भाजपा के उम्मीदवार घोषित कर दिए गए. अब झारखंड मुक्ति मोर्चा की बारी है.  

झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से तो स्वर्गीय रामदास सोरेन के पुत्र को टिकट दिया जा सकता है. हालांकि रामदास सोरेन की पत्नी का भी नाम चल रहा है. कांग्रेस के नेता प्रदीप बलमुचू भी घाटशिला उपचुनाव के लिए प्रयासरत थे. लेकिन इतना तो तय है कि उन्हें टिकट कांग्रेस की ओर से नहीं मिलेगा. ऐसे में उनकी नाराजगी महागठबंधन को भारी पड़ सकती है. कांग्रेस पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सभी कांग्रेसी झामुमो के उम्मीदवार की मदद करेंगे. बता दे कि 2024 के विधानसभा चुनाव में चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन चुनाव हार गए थे. रामदास सोरेन झामुमो के टिकट पर चुनाव जीते थे. रामदास सोरेन का निधन 15 अगस्त को हो गया था. जिस वजह से यह उपचुनाव हो रहा है. 
 
कोल्हान में भाजपा को अभी भी अपना पैर जमाना एक बड़ी चुनौती है
 
कोल्हान में भाजपा को अभी भी अपना पैर जमाना एक बड़ी चुनौती है. 2024 में  भाजपा का कोल्हान में सुपड़ा साफ हो गया था. भाजपा ने जो सोचकर चंपाई  सोरेन को पार्टी में शामिल करवाया था , वह सफल नहीं हुआ था. उनके साथ झामुमो के कोई नेता नहीं गए, उसे समय चंपाई  सोरेन और लोबिन हेंब्रम भाजपा में शामिल हुए थे. लोबिन हेंब्रम चुनाव हार गए.  कोल्हान में आदिवासी आरक्षित सीटों में से सिर्फ चंपाई सोरेन ही जीत पाए थे. 2024 में सरकार बनने के बाद यह  पहला  उपचुनाव होने जा रहा है और इसके परिणाम कई मामलों में महत्वपूर्ण होंगे.

jवैसे, सूत्र बता रहे हैं कि घाटशिला उपचुनाव को लेकर महागठबंधन में शामिल दलों  में खींचतान हो अथवा नहीं, लेकिन कुछ उम्मीदवार खुद को दावेदार मान रहे है. संभव है कि महागठबंधन उम्मीदवार के नामांकन से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घाटशिला जाएं और महागठबंधन के तमाम नेताओं को एक मंच पर लाकर विवाद पर विराम लगाने की कोशिश करे. फिलहाल घाटशिला उपचुनाव झारखंड की राजनीति का केंद्र बना हुआ है. 

यह उपचुनाव झामुमो-भाजपा के लिए बनेगा प्रतिष्ठा का प्रश्न 
 

यह चुनाव झामुमो  और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है. इधर जयराम महतो की पार्टी ने भी घोषणा कर दी है कि वह चुनाव में हिस्सा लेगी और अपना उम्मीदवार देगी. यह एनडीए के लिए भी थोड़ा मुश्किल हो सकता है. 2024 के विधानसभा चुनाव में भी जेएलकेएम ने उम्मीदवारी दी थी. जेएलकेएम ने रामदास मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया था, जिन्हें 8 092 वोट मिले थे.  भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को 75,910 मत प्राप्त हुए थे.  जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा के रामदास सोरेन को 98,356 मत प्राप्त हुए थे. वैसे तो जेएलकेएम कोई बड़ा कमाल नहीं कर पाया था लेकिन उपचुनाव में एनडीए के लोग चाह रहे थे कि जेएलकेएम या तो भाजपा को सपोर्ट कर दे अथवा चुनाव से दूरी बना ले. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जेएलकेएम ने घोषणा कर दी है कि वह घाटशिला उपचुनाव में अपना उम्मीदवार देगा. ऐसे में परिणाम क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी. 

Tuesday, October 14, 2025

आनंद पाण्ड़ थे भगवान बिरसा मुंडा के राजनीतिक गुरु, आनंद पांडे नहीं संपादक विशेष कुमार (बाबू तांती)


खूंटी, 10 दिसंबर (हि.स.)। अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा के गुरु रहे आनंद पाण्ड़ (आनंद स्वांसी) थे, आनंद पांडे नहीं। इतिहासकारों ने आनंद पाण्ड़ को इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर उसे आनंद पांडे कर दिया। यह पाण्ड़अथवा स्वांसी समाज का अपमान है।

खुद को आनंद पाण्ड़ का वंशज बताने वाले सहदेव स्वांसी, तेतरू स्वांसी और रामचंद्र स्वांसी ने कहा कि आनंद पाण्ड़ का नाम इतिहास में सुधारने के लिए अपील स्वांसी समाज द्वारा की गई, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नही दिया। इससे समाज के लोग व्यथित हैं और खुद को अपमानित महशुस कर रहे है। वंशजों ने बताया कि मूल रूप से आनंद पाण्ड़ तोरपा प्रखंड के गौड़बेड़ा गांव रहने वाले थे।

स्वांसी समाज के लोगों का कहना है कि पाण्ड़ स्वांसी समाज और अनुसूचित जाति की श्रेणी में आता है, जबकि पांडे सवर्ण जाति में आते हैं, लेकिन आनंद पाण्ड़ को इतिहासकारों ने छेड़छाड़ कर उसे आनंद पांडे कर दिया। सहदेव स्वांसी ने कहा कि आज बिरसा मुंडा की भगवान की तरह पूजा होती है। उनकी ख्याति झारखंड से निकल कर देश-विदेश तक फैल गयी, लेकिन भगवान बिरसा मुंडा को इस मुकाम तक पंहुचाने में उनके राजनीतिक गुरु रहे आनंद पाण्ड़ को इतिहासकारों ने उपेक्षित कर दिया और उन्हें कभी सही सम्मान नही मिल पाया, जिसका वे हकदार थे। स्वांसी समाज के लोगो का कहना है कि भगवान बिरसा मुंडा की अलौकिक प्रतिभा को पहचान कर उसे निखार कर इस मुकाम तक आनंद पाण्ड़ ने पहुंचाया, उनकी पूरी तरह उपेक्षा की गई। स्वांसी समाज के लोगों की मांग है कि जितना नाम भगवान बिरसा मुंडा का है, उसी तरह उनके गुरु आनंद पाण्ड़ का भी सम्मान हो और उनकी प्रतिमा को भी सामने लाया लगाया जाए, ताकि आनेवाले पीढ़ी उनके बहुमूल्य योगदान को याद करें।

बिरसा ने गोड़बेड़ी में सीखी तीर-धनुष से युद्ध की कला
गौड़बेड़ा के रहने वाले स्वांसी समाज के लोगों ने पूर्वजों के बारे में जानकारी दी और कहा कि गौड़बेड़ा के जमींदार जगमोहन सिंह के यहां आनंद पाण्ड़ या आनंद स्वांसी मुंशी का काम किया करते थे आनंद स्वांसी। वर्ष 1887 के आसपास चाईबासा के स्कूल के वार्डेन ने बिरसा मुंडा के कपड़ाें को किसी बात को लेकर बाहर फेंक दिया था। वहीं जगमोहन सिंह की नजर बिरसा पर पड़ी, तो बिरसा मुंडा को लेकर वे बंदगांव होते हुए गौड़बेड़ा ले आये, जहां वह मुंशी आनंद स्वांसी के साथ रहने लगे थे। आनंद स्वांसी उर्फ आनंद पाण्ड़ द्वारा गांव एक पीपल पेड़ के नीचे कुटिया बनाकर रखी थी, जहां जड़ी-बूटी से लेकर महाभारत और रामायण की बातों को आनंद पाण्ड़ बिरसा में बताया करते थे। साथ ही तीर धनुष से कैसे युद्ध लड़ा जाता है, इसकी भी शिक्षा बिरसा मुंडा को आनंद पाण्ड़ ने दी।

आज भी जिंदा वह पीपल पेड़, जसके नीचे बिरसा मुंडा ने ली थी शिक्षा

गौड़बेड़ा में आज भी वह पीपल का पेड़ जिंदा है, जिसके नीचे बिरसा मुंडा ने शिक्षा ग्रहण किया था। हालांकि जहां कुटिया थी, अब उस जगह पर एक स्कूल बना दिया गया है, ताकि बिरसा की याद बना रहे। इसके अलावा लकड़ी का बना हुआ कुआं, जहां बिरसा स्नान करते थे, वह भी मौजूद है। समुद्र नाम का पेड़ सिर्फ गौड़बेड़ा में ही है, जिसकी छाल का उपयोग जड़ी-बूटियों के निर्माण में किया जाता था।

गुरु और शिष्य को बराबर सम्मान मिले : मसीह गुड़िया

आनंद पाड़ के संबंध में खूंटी जिला परिषद के अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने कहा कि जो सम्मान भगवान बिरसा मुंडा को मिल रहा है, वैसा ही सम्मान उनके गुरु आनंद स्वांसी को भी मिलना चाहिए। इतिहासकारों से जो भी त्रुटि हुई है, उसमें सुधार के लिए फिर से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा, ताकि उनके माध्यम से इसकी फिर से जांच कर आनंद पाण्ड़ को सही सम्मान मिल सके।

सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रेबीज वैक्सीन की व्यवस्था होनी चाहिए इस संबंध में आदित्यपुर नगर निगम के पूर्व महापौर प्रत्याशी विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती बहुत जल्द जिला चिकित्सा पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपेंगे

(पत्रकार दया शंकर सिंह) सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रेबीज वैक्सीन की व्यवस्था होनी चाहिए क्योंकि गरीब मजदूर वर्ग के लोग दूर दराज जा कर इलाज करने में असमर्थ है इस संबंध में आदित्यपुर नगर निगम के पूर्व महापौर प्रत्याशी विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती बहुत जल्द जिला चिकित्सा पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपेंगे क्योंकि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है जो कुत्ता बिल्ली बंदर आदि जानवरों के काटने एवं खरोच ने कारण होती है  आदित्यपुर एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है जिसमें 35 वार्ड के अंतर्गत लगभग 40/50 बस्तियां आती है लगभग 4/5 लाख आबादी वाला क्षेत्र बन चुका है आदित्यपुर इसको देखते हुए एंटी रेबीज वैक्सीन की व्यवस्था शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदित्यपुर में 24 घंटा होनी चाहिए 

कोवाली गांव में मां मनसा पूजा के अवसर पर कलश यात्रा का भव्य आयोजन संपादक सूरज तांती


पत्रकार दया शंकर सिंह (पोटका) : पोटका प्रखंड के कोवाली गांव में मां मनसा पूजा के उपलक्ष्य में कलश यात्रा का भव्य आयोजन किया गया. इस अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और अपनी भक्ति एवं आस्था के साथ यात्रा में भाग लिया.

भक्तों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कलश उठाकर गांव के प्रमुख मार्गों से यात्रा की. रास्ते में भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और सामूहिक आराधना का आयोजन किया गया, जिससे माहौल अत्यंत भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा. स्थानीय लोग और युवा भी श्रद्धालुओं के साथ जुड़कर इस धार्मिक आयोजन को और रंगीन बनाने में मदद कर रहे थे.

आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने मिलकर मां मनसा की आराधना की. स्थानीय लोगों ने बताया कि इस प्रकार की धार्मिक परंपराएं समाज में एकता और सामूहिक भावना को मजबूत करती हैं.

कलश यात्रा ने कोवाली गांव में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव की गरिमा को और बढ़ाया और श्रद्धालुओं में मां मनसा के प्रति आस्था को और प्रगाढ़ किया. यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी गांव के लोगों के लिए एक यादगार अवसर बन गया.