पत्रकार दया शंकर सिंह/ सरायकेला खरसावां जिला के युवा नेता स पूर्व महापौर प्रत्याशी रह चुके विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती ने आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 40 से भी ज्यादा संख्या में बसी हुई सभी पुरानी बस्तियों के निवासियों के लिए सरकार और जिला प्रशासन से मांग करेंगे कि उन्हें उनके आवासीय भूमि पर **मालिकाना हक** दिया जाए। युवा नेता विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती जी का कहना है की कानून व्यवस्था में **12 वर्ष पुराना रास्ता भी बंद नहीं किया जा सकता**, तो फिर **आजाद भारत के पहले से बसी आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के बस्तियों** को उजाड़ने या उन्हें अधिकार से वंचित करने का कोई औचित्य नहीं है।नगर निगम क्षेत्र में ऐसी अनेक बस्तियाँ हैं, जहाँ लोग पीढ़ियों से रह रहे हैं। इन बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों के पास **बिजली कनेक्शन, पानी की सुविधा, वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड** सहित अन्य सरकारी दस्तावेज उपलब्ध हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन और सरकार ने इन बस्तियों के अस्तित्व को व्यवहारिक रूप से स्वीकार किया है, फिर भी आज तक उन्हें भूमि पर वैधानिक मालिकाना हक नहीं मिल पाया है
युवा नेता विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती का कहना है कि वर्षों से टैक्स, बिजली बिल और अन्य सरकारी दायित्व निभाने के बावजूद वे आज भी असुरक्षा की स्थिति में जीवन बिता रहे हैं। बस्तीवासियों का सवाल है कि जब वे दशकों से उसी स्थान पर रह रहे हैं, वहीं से उनके सभी पहचान पत्र और सरकारी सुविधाएँ संचालित हो रही हैं, तो उन्हें कानूनी स्वामित्व क्यों नहीं दिया जा रहा है
निवासियों ने जोर देकर कहा कि **आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की सभी पुरानी बस्तियों का सर्वे कराया जाए** और आजादी के पूर्व अथवा स्वतंत्रता के बाद प्रारंभिक वर्षों से बसे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर **मालिकाना हक अथवा पट्टा** प्रदान किया जाए। उनका मानना है कि इससे लाखों लोगों को स्थायी सुरक्षा मिलेगी और वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।
युवा नेता विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती ने कहा






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