Subscribe Us

Advertisement

Advertisement

Advertisement

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

www.tantinewslive24X7

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Friday, October 24, 2025

सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल डैम में प्रकट हुए भगवान शिव — सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन को, जलस्तर घटने से दिखाई दी प्राचीन मूर्ति


पत्रकार दया शंकर सिंह  चांडिल (सरायकेला-खरसावां)
शुक्रवार की सुबह चांडिल डैम में एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। डैम के बीचों-बीच भगवान भोलेनाथ की एक प्राचीन शिवमूर्ति अचानक प्रकट हो गई। जैसे ही यह खबर इलाके में फैली, श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लोग दूर-दूर से इस चमत्कारी दृश्य को देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचने लगे।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह मूर्ति सैकड़ों वर्ष पुरानी बताई जा रही है। कहा जाता है कि चांडिल डैम के निर्माण से पहले यहां एक प्राचीन शिव मंदिर था, जो डैम के जलाशय के अंदर जलमग्न हो गया था। वर्षों बाद, जलस्तर घटने के कारण यह मूर्ति पहली बार पूरी तरह बाहर दिखाई दी है। मूर्ति के दर्शन होते ही लोगों में गहरा उत्साह और आस्था का वातावरण बन गया।

शिवभक्तों का मानना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि ईश्वरीय संकेत है। कई श्रद्धालु इसे “भोलेनाथ का आशीर्वाद” बताते हुए जलाभिषेक कर रहे हैं। आसपास के गांवों से महिलाएं और बुजुर्ग भी कलश और दूध लेकर पूजा करने पहुंच रहे हैं। कुछ भक्तों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा अद्भुत दृश्य पहले कभी नहीं देखा।

डैम प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की है। वहीं स्थानीय पुजारी और समाजसेवियों ने इस स्थल को अस्थायी रूप से तीर्थस्थल घोषित कर पूजा की व्यवस्था शुरू कर दी है 

सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर चर्चित समाज सेवी परमवीर पत्रों ने आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ली


(पत्रकार दया शंकर सिंह) पूर्वी सिंहभूम:मानगो में आज़ाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष काशिफ़ राजा  के नेतृत्व में आज सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कई नए सदस्यों ने पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर आज़ाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनमें प्रमुख रूप से परमबीर पात्रों, सनत सिंह सरदार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और युवाओं ने भाग लिया।

झारखंड प्रदेश अध्यक्ष काशिफ़ राजा  ने कहा कि —
“आज़ाद समाज पार्टी सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के लिए संघर्षरत है। हमारा उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार और सम्मान पहुँचाना है।” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी डॉ. भीमराव अंबेडकर और चंद्रशेखर आज़ाद के विचारों पर चलकर एक समान समाज की स्थापना के लिए प्रयासरत है।

कार्यक्रम में जिला कार्यकारी अध्यक्ष शमीम अकरम, जिला उपाध्यक्ष मो. फैरोज़, मो. रशीद खान, सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता, युवा और बुद्धिजीवी मौजूद रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

अंत में “जय भीम, जय संविधान, जय आज़ाद समाज पार्टी” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

Wednesday, October 22, 2025

आदित्यपुर 2 रोड नंबर 4 अंबेडकर चौक'' में *वोट चोर गद्दी छोड़* '' कार्यक्रम को सफल बनाने हेतू भारत रत्न डाॅ भीमराव अम्बेडकर* के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया ।

आज दिनांक 22/10/2025 दिन बुधवार को संध्या 5 बजे आदित्यपुर 2  रोड नंबर 4 अंबेडकर चौक'' में *वोट चोर गद्दी छोड़* '' कार्यक्रम को सफल बनाने हेतू जिला अध्यक्ष राज बागची जी के नेतृत्व में *भारत रत्न डाॅ भीमराव अम्बेडकर* के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर  हस्ताक्षर अभियान चलाया गया ।
कार्यक्रम में सैंकड़ों आम लोगों ने अपना हस्ताक्षर कर माननीय प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी जी का हाथ को मजबूत किया ।
 इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से राहुल यादव नगर अध्यक्ष आदित्यपुर, समरेंद्र नाथ तिवारी,राणा सिंह (इंटक प्रदेश सचिव) सह इंटक कोल्हान प्रभारी,प्रमोद सिंह,,वैद्य संजय कुमार झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (सूचनाधिकार विभाग),गम्भीर सिंह, रिजवान खान प्रदेश सचिव (अल्पसंख्यक विभाग),सुनील सिंह,
 संगीता प्रधान महिला जिलाध्यक्ष,खिरोद सरदार,संतोष सिंह पूर्व नगर अध्यक्ष,,राजू लोहार,छोटू यादव, प्रकाश मंडल,आदि सैकडो कांग्रेसी उपस्थित रहे ।

Tuesday, October 21, 2025

इंचागढ़ की विधायक सबिता महतो पर परिवार का आरोप, हर साल झंडा लगाकर करती हैं दिखावा, पर नहीं देती सम्मान

(पत्रकार दया शंकर सिंह) सरायकेला-खरसावां : तिरुलडीह गोलीकांड की वह दर्दनाक घटना जिसने झारखंड आंदोलन की नींव को हिला दिया था आज 43 साल बाद भी न्याय और सम्मान के लिए तरस रही है। 1982 में तिरुलडीह प्रखंड कार्यालय के सामने झारखंड आंदोलन के दौरान अजीत महतो और धनंजय महतो को पुलिस की गोलियों ने भले ही चुप करा दिया हो लेकिन उनके बलिदान की पुकार आज भी शासन की दीवारों से टकरा रही है। शहीद धनंजय महतो के पुत्र उपेंद्र महतो ने भावुक होकर कहा कि सरकारें बदलीं, लेकिन झामुमो की राजनीति वही है। मेरे पिता की शहादत को विधायक सबिता महतो और उनकी पार्टी ने राजनीतिक झंडे का सहारा बना दिया है। हर साल प्रतिमा स्थल पर झामुमो का झंडा लगाकर वे दिखावा करती हैं। मैंने कई बार कहा कि यहां सभी दलों के लोग श्रद्धांजलि देने आते हैं यह किसी पार्टी का मंच नहीं है मगर उन्होंने कभी नहीं सुना। उपेंद्र ने आक्रोश जताते हुए कहा कि 2007 में मंत्री बंधु तिर्की और 2009 में मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने नौकरी का वादा किया था लेकिन वह फाइलें आज भी सरकारी दराजों में धूल खा रही हैं।उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार ने सिर्फ वादे किए निभाया कुछ नहीं। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि अगर आजसू के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो न होते, तो आज हम सड़क पर होते। उन्होंने हमें घर दिया, रोजगार दिया और सम्मान दिया। हर साल की तरह इस बार भी 21 अक्टूबर को तिरुलडीह शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा हुईं, भाषण गूंजें, पर शहीद के परिवार की सिसकियां फिर से अनसुनी रह गईं। यह घटना सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि झामुमो सरकार और इंचागढ़ की विधायक सबिता महतो की संवेदनहीन राजनीति का काला सच है जो दिखाता है कि झारखंड आंदोलन की शहादत को भी अब राजनीतिक मंच बना दिया गया है।

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में टूट हो गई है. महागठबंधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा अलग हो गया है. इसकी विधिवत घोषणा झारखंड मुक्ति मोर्चा के बड़े नेता सह मंत्री सुदिव्य कुमार ने की है. गिरिडीह में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस को राजनीतिक धुर्तता का परिचायक बताया है.कांग्रेस और राजद को धुर्तता का भुगतान होगा परिणाम


(पत्रकार दया शंकर सिंह) बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में टूट हो गई है. महागठबंधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा अलग हो गया है. इसकी विधिवत घोषणा झारखंड मुक्ति मोर्चा के बड़े नेता सह मंत्री सुदिव्य कुमार ने की है. गिरिडीह में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस को राजनीतिक धुर्तता का परिचायक बताया है. उन्होंने साफ कहा है कि इसका परिणाम आगे भी दिखेगा.

मंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव से झारखंड मुक्ति मोर्चा अलग हो चुकी है. मंत्री ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर 7 अक्टूबर को पटना में बैठक हुई थी. इस बैठक में वे अपने साथी विनोद पांडेय के साथ पहुंचे थे. 7 अक्तूबर से लेकर 20 अक्टूबर तक राष्ट्रीय जनता दल ने चालबाजी की और कांग्रेस ने राजद का साथ दिया.

मंत्री ने कहा कि नामांकन की तिथि आज ही समाप्त हो गई. बहुत ही अफसोस के साथ जेएमएम यह कहने को बाध्य है कि पार्टी इस चुनाव में प्रतिभागी नहीं है. बिहार के गठबंधन के अगुआ राजनीतिक दल की राजनीतिक धूर्तता ने झारखंड मुक्ति मोर्चा को नुकसान पहुंचाया. जेएमएम के बिहार में चुनाव नहीं लड़ने की आकांक्षा पर पानी फेरा है.. राजद और कांग्रेस को इस धुर्तता का परिणाम भुगतान होगा.

मंत्री ने कहा कि यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा को सीट नहीं देना था तो इसे स्पष्ट करना चाहिए था. बिहार में महागठबंधन के अगुवा यदि पहले ही तस्वीर साफ कर देते तो जेएमएम अपने बलबूते ही मैदान में उतरती. 7 से 20 अक्तूबर तक सिर्फ चालबाजी करना यह सही नहीं है. जानबूझकर यह हरकत राजद ने की है जिसे कांग्रेस ने समर्थन दिया है.

Monday, October 20, 2025

कार्तिक अमावस्या पर बौद्ध अनुयायियों ने मनाया बुद्ध दीपदान महोत्सव, करुणा और शांति का संदेश

कार्तिक अमावस्या पर बौद्ध अनुयायियों ने मनाया बुद्ध दीपदान महोत्सव, करुणा और शांति का संदेश

बोधगया/वैशाली : कार्तिक अमावस्या के अवसर पर रविवार को प्रदेशभर में बुद्ध दीपदान महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बौद्ध अनुयायियों ने विहारों, स्तूपों और बोधिवृक्ष के नीचे दीप प्रज्वलित कर भगवान बुद्ध के करुणा, शांति और ज्ञान के संदेश को स्मरण किया। इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं और श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे बुद्ध के बताये मार्ग पर चलकर समाज में शांति, प्रेम और अहिंसा का संदेश फैलाएँगे।

इतिहासकारों के अनुसार, बुद्ध दीपदान महोत्सव की परंपरा सम्राट अशोक के समय से जुड़ी है। कहा जाता है कि बुद्ध के ज्ञानोदय के बाद अशोक ने उनके उपदेशों से प्रेरित होकर सम्पूर्ण भारत में 84,000 स्तूपों का निर्माण कराया और यह घोषणा की कि कार्तिक अमावस्या की रात दीप जलाकर बुद्ध के उपदेशों को स्मरण किया जाए। तब से यह दिवस बुद्ध दीपदान पर्व के रूप में मनाया जाता है।

विहारों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ‘नमो बुद्धाय’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। भिक्षुओं ने प्रवचन देते हुए कहा कि दीपदान का अर्थ केवल दीप जलाना नहीं, बल्कि अपने भीतर के अंधकार — अज्ञान, लोभ और क्रोध — को मिटाना है। बुद्ध ने कहा था, “मैं मुक्तिदाता नहीं, मार्गदाता हूँ। अपना प्रकाश स्वयं बनो।”

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान बुद्ध से करुणा, शांति और ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
नमो बुध्याय अंधकार से प्रकाश की ओर, अज्ञान से ज्ञान की ओर।

दिपावली,काली पूजा,वंदना,गोठ पूजा एवं सोहराय पर्व के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं ढेर सारी शुभकामनाएँ संजय कुमार गुप्ता वरिष्ठ अनुभाग अभियंता/कार्य/ आदित्यपुर

दिपावली,काली पूजा,वंदना,गोठ पूजा एवं सोहराय पोरोब के पावन पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!
अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पावन पर्व दीपावली आप सभी के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और उजाला लेकर आए।
इस पावन पर्व पर माँ लक्ष्मी जी आपके जीवन में सुख-शांति, समृद्धि एवं अपार खुशियों की रोशनी लेकर आयें और आपकी"आपको और आपके पूरे परिवार को दीपावली की ढेरों सारी शुभकामनाएं ✨🪔"
 संजय कुमार गुप्ता
 वरिष्ठ अनुभाग अभियंता/कार्य/ आदित्यपुर