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Wednesday, September 3, 2025

झारखंड हाईकोर्ट ने शहरी निकाय चुनाव में देरी पर जताई कड़ी नाराजगी, मुख्य सचिव को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश

झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहरी निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर राज्य सरकार पर सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने मुख्य सचिव अलका तिवारी से सवाल करते हुए कहा कि संविधान और राज्य कानून के अनुसार हर पांच साल में शहरी निकाय चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार इसे अनदेखा कर रही है।

यह टिप्पणी हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रोशनी खलखो और अन्य द्वारा दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि चुनाव में देरी की वजह क्या है और क्यों सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुरेश महाजन केस के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन अब तक नहीं किया गया। अदालत ने याद दिलाया कि एक जनवरी 2014 को राज्य में तीन माह के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था। तब मुख्य सचिव ने 16 जनवरी 2025 को अंडर टेकिंग दी थी कि चार माह के भीतर चुनाव करा लिया जाएगा। लेकिन अब तक कोई चुनाव नहीं हुआ, और यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना का मामला बन गया है।

मुख्य सचिव अलका तिवारी कोर्ट में सशरीर उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रिपल टेस्ट के बाद ही शहरी निकाय चुनाव कराने का निर्णय लिया है। इसपर अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह ट्रिपल टेस्ट और संबंधित आदेश की प्रति रिकार्ड पर पेश करे। अदालत ने अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में भी कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान नगर विकास सचिव सुनील कुमार भी मौजूद थे।अवमानना याचिका में पूर्व पार्षद रोशन खलखो और अन्य ने दावा किया है कि सरकार लगातार चुनाव को टाल रही है। अधिवक्ता विनोद सिंह ने अदालत को बताया कि एक साल पहले ही चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए। उनके अनुसार, निकायों में जनप्रतिनिधियों के अभाव के कारण जनता के सामान्य कामकाज और स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

हाईकोर्ट की यह टिप्पणी राज्य सरकार के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि संविधान और कानून को दरकिनार नहीं किया जा सकता, और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य है। अगली सुनवाई में कोर्ट चुनाव की स्थिति, सरकार की तैयारी और ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया की समीक्षा की हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहरी निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर राज्य सरकार पर सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने मुख्य सचिव अलका तिवारी से सवाल करते हुए कहा कि संविधान और राज्य कानून के अनुसार हर पांच साल में शहरी निकाय चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार इसे अनदेखा कर रही है।

यह टिप्पणी हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रोशनी खलखो और अन्य द्वारा दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि चुनाव में देरी की वजह क्या है और क्यों सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुरेश महाजन केस के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन अब तक नहीं किया गया। अदालत ने याद दिलाया कि एक जनवरी 2014 को राज्य में तीन माह के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था। तब मुख्य सचिव ने 16 जनवरी 2025 को अंडर टेकिंग दी थी कि चार माह के भीतर चुनाव करा लिया जाएगा। लेकिन अब तक कोई चुनाव नहीं हुआ, और यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना का मामला बन गया है।मुख्य सचिव अलका तिवारी कोर्ट में सशरीर उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रिपल टेस्ट के बाद ही शहरी निकाय चुनाव कराने का निर्णय लिया है। इसपर अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह ट्रिपल टेस्ट और संबंधित आदेश की प्रति रिकार्ड पर पेश करे। अदालत ने अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में भी कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान नगर विकास सचिव सुनील कुमार भी मौजूद थे।

अवमानना याचिका में पूर्व पार्षद रोशन खलखो और अन्य ने दावा किया है कि सरकार लगातार चुनाव को टाल रही है। अधिवक्ता विनोद सिंह ने अदालत को बताया कि एक साल पहले ही चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए। उनके अनुसार, निकायों में जनप्रतिनिधियों के अभाव के कारण जनता के सामान्य कामकाज और स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

हाईकोर्ट की यह टिप्पणी राज्य सरकार के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि संविधान और कानून को दरकिनार नहीं किया जा सकता, और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य है। अगली सुनवाई में कोर्ट चुनाव की स्थिति, सरकार की तैयारी और ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया की समीक्षा की हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहरी निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी पर राज्य सरकार पर सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने मुख्य सचिव अलका तिवारी से सवाल करते हुए कहा कि संविधान और राज्य कानून के अनुसार हर पांच साल में शहरी निकाय चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार इसे अनदेखा कर रही है। यह टिप्पणी हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रोशनी खलखो और अन्य द्वारा दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि चुनाव में देरी की वजह क्या है और क्यों सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुरेश महाजन केस के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन अब तक नहीं किया गया। अदालत ने याद दिलाया कि एक जनवरी 2014 को राज्य में तीन माह के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था। तब मुख्य सचिव ने 16 जनवरी 2025 को अंडर टेकिंग दी थी कि चार माह के भीतर चुनाव करा लिया जाएगा। लेकिन अब तक कोई चुनाव नहीं हुआ, और यह सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना का मामला बन गया है। मुख्य सचिव अलका तिवारी कोर्ट में सशरीर उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रिपल टेस्ट के बाद ही शहरी निकाय चुनाव कराने का निर्णय लिया है। इसपर अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह ट्रिपल टेस्ट और संबंधित आदेश की प्रति रिकार्ड पर पेश करे। अदालत ने अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में भी कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान नगर विकास सचिव सुनील कुमार भी मौजूद थे।

अवमानना याचिका में पूर्व पार्षद रोशन खलखो और अन्य ने दावा किया है कि सरकार लगातार चुनाव को टाल रही है। अधिवक्ता विनोद सिंह ने अदालत को बताया कि एक साल पहले ही चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए। उनके अनुसार, निकायों में जनप्रतिनिधियों के अभाव के कारण जनता के सामान्य कामकाज और स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों पर प्रतिकूल असर पड़ा है।हाईकोर्ट की यह टिप्पणी राज्य सरकार के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि संविधान और कानून को दरकिनार नहीं किया जा सकता, और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य है। अगली सुनवाई में कोर्ट चुनाव की स्थिति, सरकार की तैयारी और ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया की समीक्षा की

Tuesday, September 2, 2025

आदिवासी कल्याण समिति द्वारा होने वाले फुटबॉल प्रतियोगिता के संरक्षक बने झा मु मो नेता लाल बाबू सरदार

आदिवासी कल्याण समिति कुलुफटंगा द्वारा दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है दिनांक 20/09/25 और दिनांक 21/09/25 आदित्यपुर 2 रोड नंबर 18 आजाद मैदान नियर कस्तूरबा गांधी स्कूल के पीछे होने जा रहा हैं सर्व समिति से होने वाले फुटबॉल प्रतियोगिता में आदिवासी कल्याण समिति की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा के आदित्यपुर नगर उपाध्यक्ष लाल बाबू सरदार जी को मुख्य संरक्षक बनाया गया इस अवसर पर भोला सरदार, अमित महाकुंड,नटवर लाल करवा, विजय प्रसाद, आदि लोगो ने लाल बाबू सरदार को बधाई दी और शुभकामना दी इस संबंध में आदित्यपुर नगर उपाध्यक्ष झा मु मो स संरक्षक लाल बाबू सरदार ने सबको धन्यवाद देते हुए बोले आज करमा पूजा है इसकी आप सभी के साथ साथ आदित्यपुर नगर वासियों को भी करमा पूजा की हार्दिक बधाई और ढेर सारी शुभकामना

झा मु मो आदित्यपुर नगर उपाध्यक्ष राजेश लाहा ने आदित्यपुर नगर वासियों को करमा पूजा की हार्दिक बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएं दी झारखंड मुक्ति मोर्चा आदित्यपुर नगर समिति की ओर से


झारखंड मुक्ति मोर्चा आदित्यपुर नगर उपाध्यक्ष राजेश लाहा ने करमा पूजा की हार्दिक बधाई झारखंड प्रदेश के साथ साथ अपने कार्य क्षेत्र आदित्यपुर नगर निगम के वासियों को देते हुए करमा पूजा का महत्व बताया करमा पूजा भाई-बहन के पवित्र प्रेम के सम्मान में, अच्छी फसल और समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है. यह एक फसल उत्सव है जो प्रकृति और करम (परिश्रम) को समर्पित है, और यह आदिवासियों और झारखंड के मूलवासियों और किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन करम पेड़ की शाखा को घर के आंगन में रोपा जाता है, और सुख-समृद्धि के लिए इसकी पूजा की जाती है

Monday, September 1, 2025

सरायकेला खरसावा झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला सचिव किसान मोर्चा श्री सुभाष चंद्र महतो ने करम पूजा की बधाई दी जिला वासियों को

झा मु मो किसान मोर्चा सरायकेला खरसावां जिला सचिव  श्री सुभाष चंद्र महतो ने  03/09/25 को होने वाले करमा पूजा की हार्दिक बधाई सरायकेला खरसावां जिला वासियों को देते हुए करमा पूजा का महत्व बताया करमा पूजा भाई-बहन के पवित्र प्रेम के सम्मान में, अच्छी फसल और समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है. यह एक फसल उत्सव है जो प्रकृति और करम (परिश्रम) को समर्पित है, और यह आदिवासियों और झारखंड मूलवासियों और किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन करम पेड़ की शाखा को घर के आंगन में रोपा जाता है, और सुख-समृद्धि के लिए इसकी पूजा की जाती है करमा पूजा के मुख्य कारण
भाई-बहन का प्यार यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और सम्मान का प्रतीक है, जहां बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और अच्छे भविष्य के लिए व्रत रखती हैं फसल और प्रकृति का उत्सव यह एक फसल उत्सव है जो प्रकृति और उर्वरता का सम्मान करता है. लोग अपने खेतों में अच्छी फसल और हरे-भरे खेतों के लिए प्रकृति माता से प्रार्थना करते हैं.करम देवता की पूजा शक्ति, यौवन और अच्छी किस्मत देने वाले करम देवता की पूजा की जाती है, इस कामना के साथ कि लोग अच्छे कर्म करें और भाग्य उनका साथ दे कल्याण की कामना लोग परिवार और समाज के कल्याण और समृद्धि के लिए भी यह व्रत रखते हैं त्योहार का महत्व आदिवासी और मूलवासियों और किसानों का पर्व यह आदिवासी और मूलवासियों और किसान समुदायों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो उनकी आजीविका और प्रकृति से उनके गहरे संबंध को दर्शाता है करम वृक्ष का महत्व:
यह वृक्ष उर्वरता, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है, और इसी की शाखा को घरों में लगाया जाता है कैसे मनाया जाता है? 
भादो मास की एकादशी को मनाया जाने वाला यह पर्व, करम पेड़ की एक शाखा को घर के आंगन में रोपने और उसकी पूजा करने के साथ शुरू होता है.महिलाएं और पुरुष रात भर करम शाखा के चारों ओर पारंपरिक गीत गाते और नृत्य करते हुए करम नाच मनाते हैं दूसरे दिन कुल देवी-देवताओं को नया अन्न चढ़ाकर ही लोग भोजन का सेवन करते हैं.

झारखंड प्रदेश के कोल्हान प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर मिनी स्मॉल इंडस्टरीज में कार्यरत मजदूरों के ऊपर हो रहे शोषण न्यूनतम मजदरी मजदूरों को अधिकारों से वचित करने वाले फैक्ट्री मालकों पर कानूनी कार्रवाई करने हेतु एशिया अध्यक्ष श्री इंदर अग्रवाल जी को आज दिनांक 01/09/25 को आदित्यपुर नगर इंटक अध्यक्ष रमेश बालमुचू, बिल्टू चटर्जी, सुमित कुमार गोप,रवि वर्मा ने संयुक्त रूप से मिलकर जापन सौंपा

झारखंड प्रदेश के कोल्हान प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर मिनी स्मॉल इंडस्टरीज में कार्यरत मजदूरों के ऊपर हो रहे शोषण न्यूनतम मजदरी मजदूरों को अधिकारों से वचित करने वाले फैक्ट्री मालकों पर कानूनी कार्रवाई करने हेतु एशिया अध्यक्ष श्री इंदर अग्रवाल जी को आज दिनांक 01/09/25 को आदित्यपुर नगर इंटक अध्यक्ष रमेश बालमुचू, बिल्टू चटर्जी, सुमित कुमार गोप,रवि वर्मा ने संयुक्त रूप से मिलकर
जापन सौंपा साथ ही संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकार को भी जानकारी दी जो इस प्रकार है 
(1) महामहिम रज्यपाल झारखंड सरकार
(2) मंत्री श्रम नियोजन परीक्षण कौशल विकास विभाग झारखंड सरकार 
(3) जिला उपायुक्त सरायकेला खरसावां 
(4) जिला इंटैक अध्यक्ष सरायकेला खरसावां 
(5) थाना प्रभारी आदित्यपुर

Sunday, August 31, 2025

महिला बहुल इस राज्य में पिछले कई वर्षो से महिला आयोग डिफंक्शनल, जानिए क्यों अब तक आयोग में अध्यक्ष पद है खाली

पत्रकार दया शंकर सिंह: एक ओर झारखंड में मंईयां सम्मान योजना और महिलाओं से जुड़ी कई कल्याणकारी योजनाओं की बात होती है, पर राज्य में आलम यह है की पिछले कई वर्षो से महिला आयोग में अध्यक्ष पद खाली है और महिला आयोग अब निष्क्रिय यानि डिफंक्शनल होता नज़र आ रहा है. ऐसे में महिलाओं के खिलाफ राज्य में बढ़ रहे आपराधिक मामले पर किसी भी तरह का संज्ञान नज़र आता, क्योंकि उनकी सुनने वाला यहां कोई है ही नहीं.
क्यों खाली है अध्यक्ष पद : 
यूं तो महिला आयोग में अध्यक्ष पद क्यों खाली है, इसका कोई सटीक जवाब नहीं है, पर एक कारण झारखंड की राजनीति भी हो सकती है. दरअसल राज्य में महागठबंधन की सरकार है. और झारखंड मुक्ति मोर्चा, काँग्रेस और राजद तीनों पार्टियां ही महिला आयोग का अध्यक्ष उनकी पार्टी से होनी की अनुशंसा करती हैं. सभी पार्टियां यह दाव करती हैं की महिला आयोग की अध्ययक्ष उनकी पार्टी से होंगी पर सही तालमेल और सहमति ना बैठा पाने कारण अबतक अध्यक्ष पद की कुर्सी खाली है.
अब झारखंड जैसे महिला बहुल राज्य में महिला आयोग का लंबे समय से निष्क्रिय रहना गंभीर चिंता का विषय तो है ही, साथ ही लोगों को यह सोचने पर भी मजबूर करता है कि जिस राज्य में महिलाओं के लिए इतनी कल्याणकारी योजनाएँ कलाई जा रही है, उसी राज्य में महिलाओं की तकलीफ सुनने के लिए महिला आयोग निष्क्रिय हो चुका है. ऐसे में जरूरत है कि सरकार जल्द से जल्द अध्यक्ष की नियुक्ति कर आयोग को सक्रिय करे, ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय और सुरक्षा मिल सके

Saturday, August 30, 2025

आदित्यपुर नगर निगम वार्ड नंबर 33 B जॉन एरिया में पेयजल सप्लाई की पुरानी पाइप को बदलने शुरू हो चुकी है जिसकी मांग आदित्यपुर नगर इंटैक कांग्रेस आदित्यपुर नगर अध्यक्ष रमेश बालमुचू द्वारा की गई थी अपने पुरे नगर समिति के सदस्ययो के साथ

आदित्यपुर नगर निगम वार्ड नंबर 33 बनतानगर बी जॉन में पुराने पानी सप्लाई पाइप बदल कर नए लगाने की मांग की गई थी जिसका कार्य अभी आरंभ हो चुका है इसकी मांग 
आदित्यपुर नगर कांग्रेस नगर अध्यक्ष (INTUC)के द्वारा मांग पर नगर निगम की कार्रवाई शुरू की गई।
इसमें मुख्य भूमिका रहे रमेश बालमुचू,सुमित कुमार गोप ,बिल्टू चटर्जी, रवि कुमार , बीते तीन वर्ष से इस कार्य के लिए नगर निगम को अवेदन पे अवेदन के बाद ही कार्य को सफल कर पाया, इसमें स्थानीय लोगों ने आभार जताया,