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Thursday, June 4, 2026

सरायकेला खरसांवा जिला में भट्ठियां टूटीं, संचालक फिर फरार! आबकारी विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल/संपादक विशेष कुमार तांती (बाबू तांती)

संपादक  विशेष कुमार तांती (बाबू तांती)/सरायकेला: सरायकेला जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा करने वाले आबकारी विभाग की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामले में सरायकेला उत्पाद विभाग ने कुचाई थाना क्षेत्र के जिलिंगदा गांव में छापेमारी कर चार अवैध चुलाई भट्टियों को ध्वस्त करने, लगभग 1300 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट करने तथा 30 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद करने की जानकारी दी है। विभाग ने कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो भी मीडिया को जारी किए हैं।हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी अवैध कारोबार के कथित संचालक विभाग की पकड़ से बाहर रहे। विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि संचालक फरार हैं तथा उनके विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। लेकिन किन व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है अथवा किसे मुख्य आरोपी बनाया गया है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।इसी बात को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग नियमित रूप से अवैध शराब भट्टियों को ध्वस्त करने और भारी मात्रा में जावा महुआ नष्ट करने की जानकारी देता है, लेकिन कार्रवाई के दौरान वास्तविक संचालकों की गिरफ्तारी नहीं होने से अभियान की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि विभाग अवैध कारोबार को पूरी तरह समाप्त करना चाहता है तो केवल भट्टियां तोड़ने के बजाय इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क और संचालकों तक पहुंचना आवश्यक है। लगातार संचालकों के फरार रहने और उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने से विभाग की कार्रवाई को लेकर संदेह की स्थिति बन रही है।विभाग की ओर से यह जरूर कहा गया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं आम जनता अब यह जानना चाहती है कि आखिर अवैध कारोबार के मुख्य संचालकों की गिरफ्तारी कब होगी और उनके नामों का खुलासा कब किया जाएगा।फिलहाल जिले में अवैध शराब के खिलाफ जारी अभियान के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि भट्टियां तो लगातार ध्वस्त हो रही हैं, लेकिन उनके संचालक आखिर कब तक कानून की पकड़ से बाहर रहेंगे?

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