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हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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Sunday, July 6, 2025

सरकार की ओर से शराबबंदी और नशा नियंत्रण के तमाम दावों के बावजूद ज़मीनी हकीकत इससे इतर है। यह मामला उस विफलता का स्पष्ट उदाहरण है जो केवल कार्रवाई की औपचारिकता तक सीमित है, न कि नशाखोरी पर असली नियंत्रण का।

सरायकेला-खरसावां, 06 जुलाई 2025: जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत निमाईपाड़ा में शनिवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई में उत्पाद विभाग ने भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब जब्त की है। यह छापेमारी उपायुक्त सरायकेला के निर्देश पर, अधीक्षक उत्पाद सौरभ तिवारी के पर्यवेक्षण में की गई।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई में 9PM व्हिस्की 375ml की 78 पेटियां, यानी कुल 702 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। उत्पाद विभाग ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

हालांकि, इस मामले ने उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों से निमाईपाड़ा जैसे क्षेत्रों में अवैध शराब कारोबार बेरोकटोक फल-फूल रहा है, लेकिन प्रशासन और उत्पाद विभाग की ओर से समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब आखिर किनकी मिलीभगत से जिले में पहुंची और गुप्त सूचना के बिना क्या यह मामला सामने आता?

स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्पाद विभाग सिर्फ कार्रवाई के दिन सक्रिय दिखता है, जबकि असल कारोबारियों को पकड़ने में विभाग अक्सर नाकाम रहता है। यह भी संदेह जताया जा रहा है कि विभाग की आंतरिक मिलीभगत के कारण ही ऐसी अवैध गतिविधियाँ इतनी बड़ी मात्रा में संचालित हो पा रही हैं।सरकार की ओर से शराबबंदी और नशा नियंत्रण के तमाम दावों के बावजूद ज़मीनी हकीकत इससे इतर है। यह मामला उस विफलता का स्पष्ट उदाहरण है जो केवल कार्रवाई की औपचारिकता तक सीमित है, न कि नशाखोरी पर असली नियंत्रण का।

रांची में CID की बड़ी कार्रवाई, चीनी साइबर अपराधियों के 7 एजेंट गिरफ्तार; करते थे डिजिटल अरेस्ट

रांची: साइबर अपराधियों पर शिकंजा करते हुए सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच टीम ने रांची से सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी साइबर अपराधी चीनी साइबर अपराधियों के भारतीय एजेंट हैं। ये सभी झारखंड में रहकर चीनी साइबर अपराधियों के लिए काम करते थे।गिरफ्तार किए गए लोगों में कुमार दीपक, कुमार सौरभ, प्रभात कुमार, लखन चौरसिया, शिवम कुमार, अनिल कुमार और प्रदीप कुमार शामिल हैं।

CID की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि साइबर क्राइम ब्रांच को अपनी टेक्निकल टीम के जरिए सूचना मिली थी कि रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के ओलिव गार्डन होटल में संगठित साइबर अपराधियों का एक गुट जमा हुआ है। यह गिरोह निवेश घोटाला और डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी की गतिविधियों में संलिप्त है। सूचना के आधार पर साइबर क्राइम ब्रांच की ओर से होटल में अचानक छापेमारी की गई, जहां से एक साथ सात साइबर अपराधी पकड़े गए। गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से 12 मोबाइल, 11 लैपटॉप, 14 एटीएम, चेक बुक के साथ ही व्हाट्सएप और टेलीग्राम के 60 से अधिक चैट बरामद किए गए हैं

4 जुलाई को साइबर क्राइम थाने को एक गुप्त सूचना मिली थी कि जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के ओलिव गार्डन होटल में एक संगठित साइबर गिरोह इकट्ठा हुआ है। यह गिरोह ‘म्यूल बैंक खातों’ (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते) की व्यवस्था करने और चीनी जालसाजों के साथ मिलकर काम करने में संलिप्त था। सूचना मिलते ही सीआईडी ने तत्काल कार्रवाई की और मौके से सात एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया। ये एजेंट देश के अलग-अलग हिस्सों से म्यूल बैंक खातों की आपूर्ति में शामिल थे। इनके साथ ही एक विशेष एजेंट भी पकड़ा गया, जो Moonpay, Dragonpay, Superpay और Mangopayindia जैसी चीनी कंपनियों के लिए काम कर रहा था। गिरफ्तार किए गए चीनी नेटवर्क से जुड़े एजेंटों के व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट्स से बड़ी संख्या में बैंक खातों की जानकारी और कई डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।

MUHARRAM SPECIAL: कर्बला की जंग याद कर नम हो जाती है आज भी आंखें, जब इमाम हुसैन के साथ नन्हें असगर का कर दिया था कत्ल

10 मोहर्रम यानि असुरा का दिन. जब कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन के साथ 72 साथियों को यजीद की फौज ने शहीद कर दिया था. यह समय था 61 हिजरी(680 इस्वी) का था. इस जंग में हुसैन का पूरा परिवार को यजीद के लश्कर ने खत्म कर दिया. नन्हें अली असगर को तीर मार दिया. औरतों बच्चों पर घोड़े दौड़ाये गए. बर्बरता की सारी हद को पार कर दिया. हुसैन के सर को धड़ से अलग कर कुफा में घुमाया. यजीद इसे जश्न के रूप में मना रहे थे. इस जंग में एक तरफ 22 हजार का लश्कर था दूसरी तरफ हुसैन के 72 साथी.इस कर्बला की जंग में एक तरफ हुसैन थे दूसरे तरफ यजीद था. जंग शुरू होने से तीन दिन पहले ही पानी बंद कर दिया गया. खाने को हुसैन के कैम्प में कुछ नहीं था. बच्चे प्यासे थे. लेकिन वह हार नहीं मानें. हक और सच्चाई के लिए डटे रहे. यजीद की फौज ने 10 मुहर्रम को हुसैन के साथ जंग शुरू कर दिया. हुसैन चाहते तो वह बच सकते थे. लेकिन उन्होंने सच्चाई का साथ दिया. भूखे प्यासे रहने के बाद भी जंग में डट कर सामना किया10 मोहर्रम को जब जंग शुरू हुई. लेकिन इससे पहले हुसैन ने देर रात जब नमाज के  लिए मेम्बर पर खड़े हुए तो उन्होंने एक ऐलान किया. जिसमें उन्होंने अपने साथियों से कहा आप में से जो लोग जाना चाहते है चले जाइए. अब जंग की शुरुआत होने वाली है. इतना बोल कर हुसैन ने चिराग को बंद कर दिया. उन्होंने कहा कि वह नहीं देख रहे है. आप निकल जाइए. लेकिन जब चिराग दुबारा जलाया तो देखा कि सब वही थे और रोते हुए साथियों ने कहा अगर आप भाग जाएंगे तो कयामत के दिन कैसे मुंह दिखा पाएंगे. इतने सुनते ही सभी रोने लगे.    अब 10 मुहर्रम की सुबह हुई. प्यास से हलख सुख रहे थे. लेकिन सामने यजीद का लश्कर पहुँच गया. जंग का ऐलान हुआ.यजीद आखरी समय तक चाह रहा था की हुसैन उसके सामने झुक जाए. उसके सामने अपने साथियों के साथ बैत कर ले. लेकिन हुसैन ने अल्लाह को याद किया और जालिम के सामने झुकने से इंकार कर दिया. आखिर में इस जंग में जब हुसैन शहीद हो गए. उनके 6 माह के लाल जो तीन दिन से प्यासे थे. उनके गले में तीर मार दिया. हुसैन के साथ सभी शहीद हो गए.

इसके बाद यजीद की फौज ने हुसैन के सर को एक तस्त में रख कर पूरे कुफा में घुमाया. इसके बाद इराख के शहर दमिश्क ले जाया गया. जहां यजीद के पास पेश किया गया. यजीद एक ऐसा जालिम था. जिसकी फौज ने शहीद करने के बाद उनके साथियों की लाश पर घोड़े दौड़ाये. सारी हद पार कर दी गई थी.कर्बला की जंग हमे यह हिम्मत देती है कि कभी भी गलत के सामने झुकना नहीं है. क्यों ना सर काट दिया जाए. इस जंग पर कई शायर ने अपनी पंक्ति भी लिखा है. जिसमें वह बोलते है झुकता ही नहीं सर किसी जालिम के सामने, हिम्मत ही ऐसी दे गया हुसैन है. इसके अलावा और लिखते है कि जंग अगर जालिम से हो तो लश्कर नहीं देखा करते हैं.        

झारखंड के शहरों में अब बनेगी जनता की सरकार बहुत जल्द होने वाला है नगर निकाय चुनाव झारखंड में । युवा नेता स पूर्व मेयर प्रत्याशी आदित्यपुर नगर निगम विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती

झारखंड में अब बजेगी शहरी क्षेत्र में नगर निकाय चुनाव की घंटी शहर की सरकार बनेगी अब जनता की सरकार समाजसेवी हो या नेता अब पहुंचेंगे सीधे आम जनता के घर द्वार अब समय आ गया है लोगों को एक अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने का अब चाय पकोड़ा होटल सैलून से होगा सभी नेता समाजसेवी का राजनीतिक समीकरण तैयार क्योंकि जनता का इन दुकानों में सीधा संपर्क रहता हैं 

Saturday, July 5, 2025

आदित्यपुर नगर निगम वार्ड नंबर 17 इंदिरा बस्ती के घरों में नाली का गंदा पानी घुस रहा है और रोड पूरी तरह तलाब में हो गया है तापदिल

आदित्यपुर नगर निगम वार्ड नंबर 17 हरि ओम नगर 
रोड नंबर 5 इंदिरा बस्ती के लोगो का हल्की बारिश में घरों से निकल पाना मुश्किल हो गया है स्थानीय लोगों का कहना है इंदिरा बस्ती में रोड तो बना दिया गया इस से हम सभी लोग सहमत भी है लेकिन रोड के दोनों तरफ नाली का निर्माण नहीं किया गया जिसके कारण रोड पर ही पूरा पानी जम जाता हैं और लोगों के घरों के अंदर घुसने लगता है और रोड पूरी तरह तलाब बन जाता है इसकी जानकारी आदित्यपुर नगर निगम को है लेकिन नाली निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है 

Friday, July 4, 2025

मृतक प्रकाश भूट कुमार की पोस्टमटम रिपोर्ट आने के एक वर्ष बाद भी नहीं हुआ अपराधकर्मियों का गिरफ्तार हत्या के दो साल बीतने जा रहा हैं बहन ने डीजीपी, आईजी सहित एसएसपी को लिखा मार्मिक पत्र प्रशासनिक विभाग के वरिया अधिकारियों को भी अवगत कराया

आदित्यपुर : राजधानी राँची के बड़गाई स्थित पाहन टोला में वर्ष 2023 में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए प्रकाश भुट कुमार की बहन जुली भुट कुमार ने वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर हत्या के मामले में अब तक हुई पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एसएसपी सहित राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आवेदन भेजकर हत्या की गहराई से जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। जुली भुट कुमार ने आवेदन में लिखा है कि 23 मार्च 2023 को उनके भाई प्रकाश भुट कुमार की मृत्यु संदिग्ध हालत में हुई थी। मृतक के चेहरे और सिर पर चोट के निशान थे बावजूद इसके उनके चाचा बन्नु पाहन ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को दफना दिया। बाद में जब परिजनों ने मृतक का मोबाइल खंगाला तो उसमें दर्ज रिकॉर्डिंग और बातचीत से यह स्पष्ट हुआ कि प्रकाश की हत्या की गई है। इसके बाद परिजनों ने सदर थाना में 10 आरोपियों के नामजद प्राथमिकी दर्ज करवाई जिनमें अनिता कुजूर, एडवर्ड लिंडा, प्रदीप कुजूर, मोनिका कुजूर, कटरीना नाग, एलियाज नाग, रामदेव ठाकुर, किरण, वीणा और बन्नु पाहन शामिल हैं। लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बावजूद किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जुली भुट का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी प्रकाश के सिर पर गहरे वार से मौत की पुष्टि हो चुकी है फिर भी अनुसंधान में ढिलाई बरती जा रही है। उन्होंने केस के अनुसंधानकर्ता दीपक नारायण सिंह की भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए उन्हें जांच में विफल बताया है। जुली भुट कुमार का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने 20 दिसंबर 2023, 2 सितंबर 2024 और अब पुनः जून 2025 में राज्य के पुलिस महानिदेशक, अन्वेषण विभाग और DIG को भी पत्र के माध्यम से सूचित किया है लेकिन न्याय अब तक नहीं मिला। उन्होंने आग्रह किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आलोक में अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उनके परिवार को न्याय मिल सके। परिजनों का कहना है कि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार निरंतर डर और तनाव में जीवन बिता रहा है। यह मामला अब पुलिस की निष्क्रियता और न्याय में देरी के एक चिंताजनक उदाहरण के रूप में सामने आया ह आज दिनांक 04/07/25 को पुलिस महानिरीक्षक को मृतक के परिवारवालों ने पत्र दिया

Thursday, July 3, 2025

भारत का सबसे शिक्षित व्यक्ति कौन था…..?

आपसे कोई पूछे भारत के सबसे अधिक शिक्षित एवं विद्वान व्यक्ति का नाम बताइए जो-

▪️डाक्टर भी रहा हो,
▪️वकील भी रहा हो,
▪️IPS अधिकारी भी रहा हो,
▪️IAS अधिकारी भी रहा हो,
▪️कुलपति भी रहा हो,
▪️विधायक, मंत्री, सांसद भी रहा हो,
▪️चित्रकार, फोटोग्राफर भी रहा हो,
▪️मोटिवेशनल स्पीकर भी रहा हो,
▪️पत्रकार भी रहा हो,
▪️संस्कृत, गणित का विद्वान भी रहा हो,
▪️इतिहासकार भी रहा हो,
▪️समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र का भी ज्ञान रखता हो,
▪️जिसने काव्य रचना भी की हो !

अधिकांश लोग यही कहेंगे -“क्या ऐसा संभव है ?आप एक व्यक्ति की बात कर रहे हैं या किसी संस्थान की ?” पर भारतवर्ष में ऐसा एक व्यक्ति मात्र 49 वर्ष की अल्पायु में भयंकर सड़क हादसे का शिकार हो कर इस संसार से विदा भी ले चुका है ! उस व्यक्ति का नाम है-

डॉ. श्रीकांत जिचकर 🍁

श्रीकांत जिचकर का जन्म 1954 में एक संपन्न मराठा कृषक परिवार में हुआ था ! वह भारत के सर्वाधिक पढ़े-लिखे व्यक्ति थे, जो गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है ! डॉ. श्रीकांत ने 20 से अधिक डिग्री हासिल की थीं ! कुछ रेगुलर व कुछ पत्राचार के माध्यम से ! वह भी फर्स्ट क्लास, गोल्ड मेडलिस्ट, कुछ डिग्रियां तो उच्च शिक्षा में नियम ना होने के कारण उन्हें नहीं मिल पाई, जबकि इम्तिहान उन्होंने दे दिया था !

उनकी डिग्रियां/ शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार थीं-
▪️MBBS, MD Gold Medalist,
▪️LLB, LLM,
▪️MBA,
▪️Bachelor in Journalism ,
▪️संस्कृत में डी. लिट. यूनिवर्सिटी टॉपर ,
▪️M.A. इंग्लिश,
▪️M.A. हिंदी,
▪️M.A. हिस्ट्री,
▪️M.A. साइकोलॉजी,
▪️M.A. सोशियोलॉजी,
▪️M.A. पॉलिटिकल साइंस,
▪️M.A. आर्कियोलॉजी,
▪️M.A. एंथ्रोपोलॉजी,
▪️1978 बैच के IPS अधिकारी
▪️1980 बैच के IAS अधिकारी भी रहे !
▪️1981 में महाराष्ट्र में विधायक बने,
▪️1992 से लेकर 1998 तक राज्यसभा सांसद रहे !

श्रीकांत जिचकर ने वर्ष 1973 से लेकर 1990 तक का समय यूनिवर्सिटी के इम्तिहान देने में गुजारा ! 1980 में आईएएस की केवल 4 महीने की नौकरी कर इस्तीफा दे दिया ! 26 वर्ष की उम्र में देश के सबसे कम उम्र के विधायक बने, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी बने ! 14 पोर्टफोलियो हासिल कर सबसे प्रभावशाली मंत्री रहे ! महाराष्ट्र में पुलिस सुधार किये ! 1992 से लेकर 1998 तक बतौर राज्यसभा सांसद संसद की बहुत सी समितियों के सदस्य रहे, वहाँ भी महत्वपूर्ण कार्य किये ! 1999 में कैंसर लास्ट स्टेज का डायग्नोज हुआ, डॉक्टर ने कहा आपके पास केवल एक महीना है ! अस्पताल पर मृत्यु शैया पर पड़े हुए थे लेकिन आध्यात्मिक विचारों के धनी श्रीकांत जिचकर ने आस नहीं छोड़ी ! उसी दौरान कोई सन्यासी अस्पताल में आया। उसने उन्हें ढांढस बंधाया ! संस्कृत भाषा, शास्त्रों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया ! कहा-“तुम अभी नहीं मर सकते ? अभी तुम्हें बहुत काम करना है !”

चमत्कारिक तौर से श्रीकांत जिचकर पूर्ण स्वस्थ हो गए ! स्वस्थ होते ही राजनीति से सन्यास लेकर ! संस्कृत में डी.लिट. की उपाधि अर्जित की ! वे कहा करते थे संस्कृत भाषा के अध्ययन के बाद मेरा जीवन ही परिवर्तित हो गया है ! मेरी ज्ञान पिपासा अब पूर्ण हुई है !

पुणे में संदीपनी स्कूल की स्थापना की, नागपुर में कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की, जिसके पहले कुलपति भी वे बने ! उनका पुस्तकालय किसी व्यक्ति का निजी सबसे बड़ा पुस्तकालय था, जिसमें 52000 के लगभग पुस्तकें थीं ! उनका एक ही सपना बन गया था, भारत के प्रत्येक घर में कम से कम एक संस्कृत भाषा का विद्वान हो तथा कोई भी परिवार मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का शिकार ना हो ! यूट्यूब पर उनके केवल 3 ही मोटिवेशनल हेल्थ फिटनेस संबंधित वीडियो उपलब्ध हैं !

ऐसे असाधारण प्रतिभा के लोग, आयु के मामले में निर्धन ही देखे गए हैं ! अति मेधावी, अति प्रतिभाशाली व्यक्तियों का जीवन ज्यादा लंबा नहीं होता ! शंकराचार्य, महर्षि दयानंद सरस्वती, विवेकानंद भी अधिक उम्र नहीं जी पाए थे !

2 जून 2004 को नागपुर से 60 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र में ही भयंकर सड़क हादसे में श्रीकांत जिचकर का निधन हो गया ! संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार व Holistic Health को लेकर उनका कार्य अधूरा ही रह गया !

विभिन्न व्यक्तियों के जन्म दिवस को उत्सव की तरह मनाने वाले हमारे देश में ऐसे गुणी व्यक्ति को कोई जानता भी नहीं है, जिसके जीवन से कितने ही युवाओं को प्रेरणा मिल सकती है ! ऐसे शिक्षक, ज्ञानी, उत्साही व्यक्तित्व, चिकित्सक, विधि विशेषज्ञ, प्रशासक व राजनेता के मिश्रित व्यक्तित्व को
शत् शत् नमन् !