(पत्रकार दया शंकर सिंह) : धनबाद के कोलियरी इलाके से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है. जहां चासनाला साउथ कॉलोनी की रहने वाली एक विधवा महिला ने अपने पड़ोसी जय प्रकाश राय पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसका अश्लील वीडियो बनाया. उसे वायरल करने की धमकी दे लगातार यौन शोषण करता रहा. यही नहीं, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी तक दी जाती रही.2018 में के पति की मौत हो गयी थी बाद में हमदर्दी दिखाकर उसके साथ यौन शोषण शुरू कर दिया. अब महिला हिम्मत जुटाकर धनबाद महिला थाना पहुंची. जहां उसने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है. पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद से वह अकेली रहती है, इसी का फायदा आरोपी ने उठाया. पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि उसके साथ इंसाफ हो सके और वह सुरक्षित जीवन जी सके.फिलहाल महिला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कार्रवाई की बात कही जा रही है. ऐसे मामलों ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज में अकेली और बेबस महिलाओं को कब मिलेगी पूरी सुरक्षा? आखिर कब रुकेगा ये शर्मनाक शोषण.
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Saturday, November 8, 2025
Friday, November 7, 2025
गैंग्स ऑफ वासेपुर का डॉन फहीम खान जेल से आएगा बाहर, 22 साल बाद खुले आसमान के नीचे ले सकेगा सांस
धनबाद (पत्रकार दया शंकर सिंह) : गैंग्स ऑफ वासेपुर का मुख्य सरगना, गैंगस्टर फहीम खान के लिए शुक्रवार यानी जुम्मे का दिन काफी शुभ रहा. दरअसल, विगत 22 वर्षों से भी अधिक समय से जेल की हवा खा रहा 75 वर्षीय फहीम खान अब खुले आसमान के नीचे सांस ले सकेगा. उसकी रिहाई को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए छह महीने के भीतर उसे जेल से रिहा करने को कहा है.
गैंगस्टर फहीम खान की तरफ से सरवोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने पैरवी करते हुए दलील दी कि फहीम की उम्र अब 75 वर्ष से अधिक हो चुकी है, वह 22 वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद है. इस दौरान वह दिल और गुर्दे की गंभीर बीमारियों से पीड़ित रहा है. बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि उसकी उम्र और सेहत को ध्यान में रखते हुए उसे रिमिशन सेंटेंस (सजा में छूट) के तहत रिहा किया जाए.बता दें कि फहीम खान इस समय जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल में बंद है और वासेपुर के सगीर हसन सिद्दीकी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा था. उसने 29 नवंबर 2024 को झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर रिहाई की मांग की थी. जिसके बाद राज्य सरकार ने इस मामले में एक रिव्यू बोर्ड गठित किया था, जिसमे फहीम खान को 'समाज के लिए खतरा' बताते हुए उसके रिहाई से इनकार कर दिया था. हालांकि, उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान फहीम की ओर से पेश की गई दलीलों को स्वीकार करते हुए रिहाई का आदेश जारी किया.ज्ञात हो, फहीम खान का नाम पहली बार वर्ष 1989 में वासेपुर हत्याकांड में सामने आया था. 10 मई 1989 की रात सगीर हसन सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गवाहों के अनुसार, सगीर अपने दोस्त आलमगीर के घर के बाहर बैठा था, तभी फहीम खान अपने साथी छोटना उर्फ करीम खान और अरशद के साथ वहां पहुंचा और इसके बाद फहीम ने सगीर के सिर में गोली मार दी थी.इस हत्याकांड में पुलिस ने फहीम खान सहित तीनों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था. इसके बाद 15 जून 1991 को सेशन कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया, लेकिन बिहार सरकार ने इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी. पटना हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए फहीम खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी 21 अप्रैल 2011 को हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखाटायसन लापता है देखने से सूचना देThursday, November 6, 2025
सरायकेला खरसावां जिला के राजनगर प्रखंड के उरुघुटू आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों के बीच स्वेटर का वितरण किया गया। ठंड के मौसम की शुरुआत से पहले बच्चों को यह गर्माहट भरा तोहफ़ा दिया गया ताकि वे सर्दी से सुरक्षित रह सकें। (संपादक विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती)
**निगम में रखे लाखों की ट्राई साईकिल बिना उपयोग अब कबाड़ के कगार पर भा ज पा नेता सतीश शर्मा**
Tuesday, November 4, 2025
आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती निवासी सोयल उम्र 16 वर्ष पिता शेक आलम दिनांक 02/11/25 दिन रविवार से लापता
Friday, October 31, 2025
सरायकेला खरसावां जिला के लोकप्रिय समाज सेवी स पूर्व वार्ड पार्षद रंजन सिंह के द्वारा 1 नवंबर को किये जा रहे आदित्यपुर नगर निगम परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का में पूर्व मेयर प्रत्याशी आदित्यपुर नगर निगम विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती समर्थन करता हूं
Thursday, October 30, 2025
*jharkhand Nikay Chunav : दस दिसंबर के पहले सरकार निकाय चुनाव पर क्यों ले सकती है फैसला, संपादक विशेष कुमार उफ़ बाबू तांती*
Sarykela Kharsawan (पत्रकार दया शंकर सिंह) : झारखंड में नगर निकाय चुनाव पर सरकार 10 नवंबर के पहले फैसला ले सकती है. 10 नवंबर को होने वाली हाईकोर्ट में सुनवाई के पहले सरकार कैबिनेट से मंजूरी लेकर राज्य निर्वाचन आयोग को अनुमति भेज सकती है. सूत्रों के अनुसार झारखंड हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद हेमंत सोरेन की सरकार ने नगर निकाय चुनाव को जल्द कराने का लगभग निर्णय ले चुकी है. जिला स्तर शहरी निकायों के वार्ड एवं अन्य पदों पर आरक्षण के निर्धारण को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जिला स्तर से आरक्षण का निर्धारण होने के बाद राज्य निर्वाचन को यह भेजा जाएगा.
झारखंड में कुल 48 शहरी निकाय क्षेत्र हैं
उल्लेखनीय है कि राज्य में 48 शहरी निकाय क्षेत्र हैं, जहां ओबीसी ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट के बाद पहली बार bc1 और bc2 के लिए सीट आरक्षित होंगी. यह अलग बात है निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों का प्रत्यक्ष कोई भूमिका नहीं होती, लेकिन अप्रत्यक्ष भूमिका होती है. हर उम्मीदवार प्रयास करता है कि वह किसी न किसी दल से समर्थित हो. झारखंड सरकार में शामिल कांग्रेस निकाय चुनाव को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए दावा कर रही है कि जल्द ही चुनाव होंगे.
कांग्रेस पूरी तरह से हो गई है सक्रिय
कांग्रेस का कहना है कि राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति और ओबीसी ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद राज्य में शहरी निकाय चुनाव का रास्ता साफ हो गया है. वैसे भी निकाय चुनाव को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है निकाय चुनाव को लेकर सक्रियता तेज है. छठ घाटों पर उम्मीदवारों का सियासी डेरा भी लगा.सभी राजनीतिक दलों के नेता समाज सेवी संस्थाओं के लोग जनता की सेवा में अपने अपने लग चुके है हालांकि जनता अब जाग चुकी है चुनावों की आवाज आते ही कुछ लोग तो चौक चौराहा पर चाय पर चर्चा और सेवा करना भी शुरू कर चुके है रोड नली साफ सफाई वेपर लाइट मरमत लोगो को नमस्कार तक बोलना शुरू कर चुके हैं कुछ लोग जो कभी जनता के बीच नहीं रहे एक तरफ से देखा जाए तो पर्व जैसा माहौल बन गया है










