मलखान सिंह पूजा पंडाल में दिखेगी एलोरा के कैलाश मंदिर की भव्य झलक, कलश स्थापना के दिन ही खुले पट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रेयसी सिंह ने किया पंडाल का उद्घाटन, कहा- झारखंड और बिहार से रहा है परिवार का पुराना जुड़ाव*
सरायकेला/आदित्यपुर। दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर आदित्यपुर स्थित प्रवीण सिंह स्मृति सेवा संस्थान के मलखान सिंह पूजा पंडाल का उद्घाटन बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह ने फीता काटकर किया। इस वर्ष पंडाल की थीम महाराष्ट्र के एलोरा स्थित ऐतिहासिक कैलाश मंदिर से प्रेरित है। कलश स्थापना के दिन ही पंडाल के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मां दुर्गा के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
उद्घाटन समारोह के बाद अपने संबोधन में श्रेयसी सिंह ने कहा, “मैं जमुई, बिहार की बेटी हूं। मेरे पिता स्वर्गीय दिग्विजय सिंह का झारखंड से गहरा नाता रहा है। मैं बिहार के साथ-साथ झारखंड की भी बेटी हूं।” उन्होंने मां दुर्गा से झारखंड, बिहार सहित पूरे देश की तरक्की और खुशहाली की कामना की।
श्रेयसी सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2024 में भी इस पूजा पंडाल में आई थीं। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि रेल राज्य मंत्री रहते हुए स्वर्गीय दिग्विजय सिंह वर्ष 2000 में इसी पंडाल का उद्घाटन करने आए थे। इस प्रकार इस पूजा आयोजन से उनके परिवार का पुराना जुड़ाव रहा है।
इस अवसर पर भाजपा नेत्री मीरा मुंडा भी मौजूद रहीं। समिति के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में समिति के संरक्षक एके श्रीवास्तव, अध्यक्ष सह नगर निगम के डिप्टी मेयर अंकुर सिंह, क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह, पार्षद नीतू शर्मा, महिला नेत्री कविता परमार, बारी मुर्मू, बॉबी सिंह, देवांग चंद्र मुखी, पूर्व डीएसपी सरयू पासवान, राजीव रंजन मुन्ना, शंकर सिंह और समरेंद्र नाथ तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
एलोरा के कैलाश मंदिर की स्थापत्य कला का दिखेगा अद्भुत नजारा
प्रवीण सिंह स्मृति सेवा संस्थान का मलखान सिंह पूजा पंडाल इस वर्ष अपनी खास थीम को लेकर चर्चा में है। पंडाल को महाराष्ट्र के एलोरा स्थित ऐतिहासिक कैलाश मंदिर की भव्यता और अद्भुत स्थापत्य कला से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। चट्टानों को तराशकर निर्मित कैलाश मंदिर भारतीय प्राचीन शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इसी ऐतिहासिक धरोहर की भव्यता और कलात्मकता को पंडाल के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। यहां श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के दर्शन के साथ कला, संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। पंडाल की आकर्षक सजावट के जरिए श्रद्धालु भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की भव्यता को करीब से महसूस कर सकेंगे। अपनी अनूठी थीम के कारण यह पंडाल इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।










