Subscribe Us

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Friday, July 10, 2026

गम्हरिया के सरकारी गोदाम में गरीबों को मिलने वाला चना दाल सड़ कर बर्वाद हो गया, किन्तु बांटा नहीं गया, अधिकारियों की लापरवाही उजागर, एमओ ने साधी चुप्पी।/पत्रकार दया शंकर सिंह

सरायकेला खरसांवा (दया शंकर सिंह) : गम्हरिया के सरकारी गोदाम में गरीबों को मिलने वाला कई क्विंटल चना दाल सड़ कर बर्वाद हो गया है. किन्तु बांटा नहीं गया है. इसमें अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है. वहीं इस मामले में (एमओ) प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने चुप्पी साध ली है. बता दें कि इस प्रखंड में पिछले 8 माह से गरीबों को राशन में दाल कहकर नहीं दिया जा रहा था कि आपूर्ति शून्य है और बैक लॉग चल रहा है. इस बात की पुष्टि जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा ने भी पत्रकारों के समक्ष किया था.लेकिन दूसरे ही दिन यह मामला उजागर हो गया कि जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के लिए आवंटित कई क्विंटल चना दाल गोदाम में सड़ कर बर्वाद हो गया है. बता दें कि राशन का समय पर वितरण न होने के कारण गोदामों में दाल और अनाज के सड़ने की घटनाएं सामने आती हैं. ऐसी घटनाओं में, जिम्मेदार अधिकारियों और राशन डीलरों की लापरवाही उजागर होती है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को उनके हक का निवाला नहीं मिल पाता है. गोदामों में अनाज सड़ने के मामले और लापरवाही सरकारी गोदामों में रखरखाव की कमी और वितरण में देरी के कारण गरीबों तक पहुंचने वाला अनाज कई बार गोदामों में ही खराब हो जाता रहा है.पिछले दिनों सरायकेला के ग्रामीण इलाकों में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत कीड़े लगी और एक्सपायरी डेट वाली चना दाल बांटे जाने का गंभीर मामला सामने आया था, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया था. अक्सर ऐसे मामलों में देखने को मिलता है कि वितरण में देरी, समय पर राशन न बंटने से अनाज गोदामों में ही सड़ने लगता है. कई बार तो गरीबों को खराब, घुन लगे (कीड़े लगे) या एक्सपायर हो चुके पैकेट दिए जाते है. उचित निगरानी और वितरण व्यवस्था में खामियों के चलते जिम्मेदार लोगों की लापरवाही सामने आती है. इस संबंध में जब गम्हरिया की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वो ऑफिस में नहीं मिली साथ ही उन्होंने फोन भी रिसीव नहीं की हैं. आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है.

0 Comments:

Post a Comment