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Thursday, June 11, 2026

TMC के 'पुष्पा' की निकाली परेड, पुलिस ने जहांगीर खान को हाफ पैंट में घुमाया/पत्रकार दया शंकर सिंह

 कोलकाता: पश्चिम बंगाल के फलता में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को हाफ पैंट में घुमाया गया. जहांगीर खान इस विधानसभा सीट से टीएमसी के उम्मीदवार रहे हैं. पिछले दिनों बंगाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था. अब जहांगीर खान को फलता इलाके में हाफ पैंट में पुलिस ने परेड कराई है. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को पिछले महीने फलता में दोबारा मतदान (रीपोल) से अपना नाम वापस ले लिया था, उन्हें स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार किया. उन पर कई FIR दर्ज थीं, जिनमें दक्षिण 24 परगना निर्वाचन क्षेत्र में EVM पर BJP के चुनाव चिह्न को टेप से ढककर छेड़छाड़ करने के आरोप भी शामिल हैं. कई गड़बड़ियों और शिकायतों की वजह से चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक दो दिन पहले फलता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश दिया था. जहां बंगाल की 293 सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए गए थे, वहीं केंद्रीय चुनाव आयोग ने 'गंभीर चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने' का हवाला देते हुए फलता विधानसभा क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया था. फलता के कई बूथों पर वोटरों को डराने-धमकाने और EVM से छेड़छाड़ (जैसे विपक्षी उम्मीदवारों के नाम हटाना) की खबरें आईं. CCTV फुटेज भी ठीक से नहीं मिल पाए, जिससे वोटिंग प्रोसेस के निष्पक्ष होने की पुष्टि करना मुश्किल हो गया. पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा को चुनौती देने के लिए 'पुष्पा' नाम अपनाने वाले जहांगीर को बंगाल एसटीएफ ने नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया. इससे पहले वे कई हफ़्तों से फरार बताए जा रहे थे. चुनाव से पहले जब अजय पाल शर्मा ने जहांगीर खान के घर जाकर परिवार वालों को चेतावनी दी थी कि वे चुनाव के दिन वोटरों को न डराएं, तब जहांगीर खान ने कहा था, 'अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं." जहांगीर पर फलता पुलिस स्टेशन में करीब सात एफआईआर दर्ज हैं. जहांगीर खान की गिरफ्तारी तब हुई, जब कलकत्ता हाई कोर्ट ने राहत बढ़ाने से इनकार कर दिया और तृणमूल कांग्रेस नेता को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ले ली. जहांगीर को 18 मई को अंतरिम राहत दी गई थी, जिससे वे 21 मई को हुए फलता विधानसभा री-पोल (दोबारा मतदान) में हिस्सा ले सके. इस उपचुनाव नतीजे 24 मई को घोषित किए गए थे.ममता बनर्जी को बड़ा झटका पश्चिम बंगाल में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी को लेकर घमासान जारी है. कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट की ओर से टीएमसी की याचिका पर तत्काल राहत नहीं दी गई है. हाईकोर्ट ने LoP नियुक्ति पर फिलहाल कोई स्टे लगाने से इनकार कर दिया है. यानि ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे. पश्चिम बंगाल में मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. टीएमसी सत्ता से जा चुकी है. विधानसभा में जो पार्टी सत्ता में होती है, उसके मुखिया मुख्यमंत्री होते हैं. लेकिन विपक्ष का भी एक मुखिया होता है, जिसे नेता प्रतिपक्ष कहते हैं. इसी पद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विधानसभा के स्पीकर हैं रथिंद्रनाथ बोस. अब तक नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सोवनदेब चट्टोपाध्याय के पास थी. लेकिन स्पीकर रथींद्रनाथ बोस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष मान लिया और उन्हें इस पद की मान्यता दे दी


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