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Wednesday, April 29, 2026

बंगाल चुनाव 2026: मतदान के अंतिम चरण में ममता बनर्जी क्यों उतरी सड़क पर,दूसरे चरण में भी बंफर वोटिंग की उम्मीद(पत्रकार दया शंकर सिंह)

पत्रकार दया शंकर सिंह/बंगाल में बुधवार को अंतिम चरण का निर्णायक मतदान चल रहा है. सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए गए हैं. सुबह 11 बजे तक लगभग 40 प्रतिशत मतदान हो चुका है. बंगाल चुनाव इस बार बदला बदला सा दिख रहा है. कोई भगवा पोशाक में दिख रहा है, तो कोई वोटरों को मतदान के लिए प्रेरित करते दिख रहा है. यह बात तो सच है कि इस बार का बंगाल चुनाव कुछ अलग अंदाज में हो रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी चौथी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए संघर्ष कर रही हैं ,तो भाजपा भी अबकी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए हर कोशिश कर रही है. दूसरे चरण में आज 142 सीटों पर मतदान हो रहा है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार सड़क पर मतदान के दिन उतर गई हैं. अमूमन मतदान के दिन घर पर रहकर पूरी स्थिति पर नजर रखने वाली ममता बनर्जी इस बार सड़क पर उतर गई हैं और खुद बूथ बूथ जाकर स्थिति का जायजा ले रही है. जानकारी के अनुसार भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र, जहां उनका सीधा मुकाबला भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से है, वहां सुबह से ही ममता बनर्जी सक्रिय दिख रही है. कालीघाट स्थित आवास से निकलकर उन्होंने बता दिया कि आज वह मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक उम्मीदवार के तौर पर मैदान में है. उन्होंने कई बूथों का दौरा किया. इंतजाम का जायजा लिया. कई बूथों के भीतर जाकर व्यवस्था देखी और स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत की. ममता बनर्जी का तेवर साफ बता रहा है कि वह भी इस बार करो या मरो की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है . वे

ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों और बाहरी पर्यवेक्षकों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि रात के समय कुछ नेताओं के घर पर जाकर डर का माहौल बनाया गया. ममता बनर्जी का आरोप है कि सीआरपीएफ के जवान बिना लोकल पुलिस के कार्रवाई की है. जिससे भय का माहौल बन गया है. दूसरी तरफ सुवेंदु अधिकारी भी सक्रिय हैं. मतदान के दिन ममता बनर्जी का यह आक्रामक अंदाज चुनावी माहौल को और अधिक बदल दिया है.

सुबह 9:00 बजे तक लगभग 19% वोट पड़ चुके हैं. यह रफ्तार बनी रही, तो मतदान खत्म होने तक रिकॉर्ड वोटिंग हो सकती है. बंगाल को जानने वाले बताते हैं कि उत्तर और दक्षिण 24 परगना ,कोलकाता और हावड़ा के चार जिले इस बार सरकार बनाने की भूमिका में है. कुल 294 सीट वाली बंगाल विधानसभा में इन चार जिलों की 91 सीट किसी को भी सत्ता तक पहुंचा सकती है. ममता बनर्जी के इस दुर्ग में सेंध लगाने के लिए भाजपा एड़ी चोटी लगा रखी है, तो तृणमूल कांग्रेस भी अपने सबसे मजबूत गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है .जानकारी के अनुसार उत्तर 24 परगना में 33 सीट हैं, दक्षिण 24 परगना में 31 सीट है, हावड़ा में 16 सीट और कोलकाता में 11 सीट हैं. ममता बनर्जी के लिए गणित बिल्कुल साफ है कि अगर वह अपने इस दुर्ग को बचाने में कामयाब हो जाती है, तो उनका रास्ता बहुत आसान हो जाएगा और अगर भाजपा सेंध लगाने में कामयाब होती है, तो ममता बनर्जी की परेशानी बढ़ सकती है .वैसे 4 मई को ही सब कुछ साफ होगा कि ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो पाती हैं अथवा भाजपा सरकार बनाने में कामयाब होती है

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