
West Bengal Election Results 2026 पत्रकार दया शंकर सिंह : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। 5 मई 2026 को आए इन परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि यह हार जनता के जनादेश की वजह से नहीं बल्कि एक गहरी साजिश का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को जानबूझकर हराया गया है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गला घोंटा गया है।
West Bengal Election Results 2026: चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार और धांधली के आरोप
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग को ‘खलनायक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्था होने के बावजूद आयोग ने एकतरफा काम किया और भाजपा के एजेंट के रूप में व्यवहार किया। ममता ने दावा किया कि बंगाल में करीब 100 सीटें ऐसी थीं जिन्हें साजिश के तहत लूटा गया। उन्होंने ईवीएम (EVM) की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मतदान खत्म होने के बाद भी मशीनों में 90 प्रतिशत तक चार्जिंग कैसे बनी रह सकती है? उनका तर्क था कि सामान्य रूप से मतदान के बाद बैटरी का स्तर काफी गिर जाना चाहिए लेकिन यहाँ कुछ और ही खेल हुआ है। ममता ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान उनके एजेंटों को केंद्रों से बाहर धकेल दिया गया और कई राउंड की गिनती में उनके लोगों को बैठने तक नहीं दिया गया।
90 लाख वोट काटे जाने का सनसनीखेज दावा

ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर राज्य के करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। ममता के अनुसार जब उनकी पार्टी अदालत गई तब जाकर करीब 32 लाख नामों को वापस शामिल किया गया लेकिन बाकी के लाखों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह गए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का काम किया है। ममता ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया और कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा।
‘मैं अब एक आजाद पंछी हूं’ – ममता बनर्जी का नया तेवर
इस्तीफा न देने की जिद पर अड़ी ममता बनर्जी ने खुद को अब एक ‘आजाद पंछी’ बताया है। उन्होंने कहा कि वह अब मुख्यमंत्री की कुर्सी के बिना एक आम नागरिक की तरह काम करेंगी और देश भर में ‘इंडी’ (I.N.D.I.A.) गठबंधन को मजबूत करने का काम करेंगी। ममता ने भावुक होते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में उन्होंने अपनी पेंशन का एक पैसा भी नहीं लिया और न ही कभी वेतन लिया है। उनका एकमात्र लक्ष्य लोगों की सेवा करना रहा है। कुर्सी जाने के बाद भी उनका संघर्ष जारी रहेगा और वह जनता के बीच जाकर इस ‘वोटों की चोरी’ का पर्दाफाश करेंगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह लोकभवन जाकर अपना त्यागपत्र नहीं सौंपेंगी क्योंकि वह नैतिक रूप से चुनाव जीत चुकी हैं।
विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और भविष्य की रणनीति
बंगाल के नतीजों के बाद विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने बताया कि उन्हें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेताओं के फोन आए हैं। इन सभी नेताओं ने ममता के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। ममता के अनुसार अखिलेश यादव ने तो तुरंत कोलकाता आने की इच्छा जताई थी लेकिन उन्हें कल आने को कहा गया है। ममता का मानना है कि आने वाले दिनों में यह गठबंधन और भी ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा। विपक्षी नेताओं का मानना है कि बंगाल में जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और वे इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।
West Bengal Election Results 2026: भाजपा का पलटवार और शपथ ग्रहण की तैयारी
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी इन आरोपों को ममता बनर्जी की हताशा बता रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता ने भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ वोट दिया है। भाजपा ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस महज 80 सीटों पर सिमट गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को बंगाल की जनता की जीत बताया है और कहा है कि राज्य अब विकास की नई राह पर चलेगा। सूत्रों के अनुसार भाजपा राज्य में नई सरकार के गठन की तैयारी में जुट गई है और 9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोका जा सके।






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