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Wednesday, April 29, 2026

बोकारो ट्रेजरी घोटाला: 50 लाख के ट्रांजेक्शन का हुआ बड़ा खुलासा, पुलिस एएसआई अशोक गिरफ्तार(पत्रकार दया शंकर सिंह)

रिपोर्टर दया शंकर सिंह (BOKARO): अवैध वेतन निकासी और ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में तैनात एएसआई अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को बुधवार को रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया.जांच में सामने आया है कि एएसआई अशोक भंडारी का संबंध इस मामले में पहले से गिरफ्तार मुख्य लेखापाल कौशल कुमार पांडेय से था. सीआईडी की छानबीन के दौरान यह अहम खुलासा हुआ कि कौशल पांडेय के बैंक खाते से अशोक भंडारी के खाते में करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे, जिससे दोनों के बीच गहरे आर्थिक संबंधों की पुष्टि होती है. एसआईटी की जांच में यह भी पाया गया है कि सरकारी राशि के गबन के लिए कई अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया. जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2020 से अब तक बोकारो ट्रेजरी से 1.11 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी की गई है, जिसे विभिन्न खातों के जरिए अंजाम दिया गया.अशोक भंडारी पर आरोप है कि वह इस पूरे घोटाले में सक्रिय रूप से शामिल था और अवैध निकासी की प्रक्रिया में सहयोग कर रहा था. सीआईडी अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और पैसों के लेन-देन के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है. जांच एजेंसी का कहना है कि जल्द ही इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है.


बंगाल चुनाव 2026: मतदान के अंतिम चरण में ममता बनर्जी क्यों उतरी सड़क पर,दूसरे चरण में भी बंफर वोटिंग की उम्मीद(पत्रकार दया शंकर सिंह)

पत्रकार दया शंकर सिंह/बंगाल में बुधवार को अंतिम चरण का निर्णायक मतदान चल रहा है. सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए गए हैं. सुबह 11 बजे तक लगभग 40 प्रतिशत मतदान हो चुका है. बंगाल चुनाव इस बार बदला बदला सा दिख रहा है. कोई भगवा पोशाक में दिख रहा है, तो कोई वोटरों को मतदान के लिए प्रेरित करते दिख रहा है. यह बात तो सच है कि इस बार का बंगाल चुनाव कुछ अलग अंदाज में हो रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी चौथी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए संघर्ष कर रही हैं ,तो भाजपा भी अबकी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए हर कोशिश कर रही है. दूसरे चरण में आज 142 सीटों पर मतदान हो रहा है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार सड़क पर मतदान के दिन उतर गई हैं. अमूमन मतदान के दिन घर पर रहकर पूरी स्थिति पर नजर रखने वाली ममता बनर्जी इस बार सड़क पर उतर गई हैं और खुद बूथ बूथ जाकर स्थिति का जायजा ले रही है. जानकारी के अनुसार भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र, जहां उनका सीधा मुकाबला भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से है, वहां सुबह से ही ममता बनर्जी सक्रिय दिख रही है. कालीघाट स्थित आवास से निकलकर उन्होंने बता दिया कि आज वह मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक उम्मीदवार के तौर पर मैदान में है. उन्होंने कई बूथों का दौरा किया. इंतजाम का जायजा लिया. कई बूथों के भीतर जाकर व्यवस्था देखी और स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत की. ममता बनर्जी का तेवर साफ बता रहा है कि वह भी इस बार करो या मरो की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है . वे

ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों और बाहरी पर्यवेक्षकों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि रात के समय कुछ नेताओं के घर पर जाकर डर का माहौल बनाया गया. ममता बनर्जी का आरोप है कि सीआरपीएफ के जवान बिना लोकल पुलिस के कार्रवाई की है. जिससे भय का माहौल बन गया है. दूसरी तरफ सुवेंदु अधिकारी भी सक्रिय हैं. मतदान के दिन ममता बनर्जी का यह आक्रामक अंदाज चुनावी माहौल को और अधिक बदल दिया है.

सुबह 9:00 बजे तक लगभग 19% वोट पड़ चुके हैं. यह रफ्तार बनी रही, तो मतदान खत्म होने तक रिकॉर्ड वोटिंग हो सकती है. बंगाल को जानने वाले बताते हैं कि उत्तर और दक्षिण 24 परगना ,कोलकाता और हावड़ा के चार जिले इस बार सरकार बनाने की भूमिका में है. कुल 294 सीट वाली बंगाल विधानसभा में इन चार जिलों की 91 सीट किसी को भी सत्ता तक पहुंचा सकती है. ममता बनर्जी के इस दुर्ग में सेंध लगाने के लिए भाजपा एड़ी चोटी लगा रखी है, तो तृणमूल कांग्रेस भी अपने सबसे मजबूत गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है .जानकारी के अनुसार उत्तर 24 परगना में 33 सीट हैं, दक्षिण 24 परगना में 31 सीट है, हावड़ा में 16 सीट और कोलकाता में 11 सीट हैं. ममता बनर्जी के लिए गणित बिल्कुल साफ है कि अगर वह अपने इस दुर्ग को बचाने में कामयाब हो जाती है, तो उनका रास्ता बहुत आसान हो जाएगा और अगर भाजपा सेंध लगाने में कामयाब होती है, तो ममता बनर्जी की परेशानी बढ़ सकती है .वैसे 4 मई को ही सब कुछ साफ होगा कि ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो पाती हैं अथवा भाजपा सरकार बनाने में कामयाब होती है

Monday, April 27, 2026

भाजपा के जिला मंत्री सतीश शर्मा ने जागृति मैदान में नगर निगम द्वारा प्रस्तावित प्रशासनिक भवन निर्माण का कड़ा विरोध किया है । उन्होंने ने कहा कि कंक्रीट के बढ़ते जंगलों के बीच, जहाँ सांस लेने के लिए खुली जगह कम होती जा रही है, वहाँ आदित्यपुर-2 का ऐतिहासिक जागृति मैदान आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। नगर निगम द्वारा इस खेल के मैदान पर प्रशासनिक भवन बनाने का प्रस्ताव न केवल स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के अधिकारों पर भी एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

पत्रकार दया शंकर सिंह/सरायकेला खरसांवा जिला के लोकप्रिय भाजपा के जिला मंत्री सतीश शर्मा ने जागृति मैदान में नगर निगम द्वारा प्रस्तावित प्रशासनिक भवन निर्माण का कड़ा विरोध किया है । उन्होंने ने कहा कि कंक्रीट के बढ़ते जंगलों के बीच, जहाँ सांस लेने के लिए खुली जगह कम होती जा रही है, वहाँ आदित्यपुर-2 का ऐतिहासिक जागृति मैदान आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। नगर निगम द्वारा इस खेल के मैदान पर प्रशासनिक भवन बनाने का प्रस्ताव न केवल स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के अधिकारों पर भी एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है
जागृति मैदान कोई साधारण खाली जमीन नहीं है। संयुक्त बिहार के दौर से अस्तित्व में रहा यह मैदान क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। रोजाना यहाँ सैकड़ों बच्चे और युवा क्रिकेट, फुटबॉल और कबड्डी जैसे खेलों के माध्यम से अपनी शारीरिक क्षमता और अनुशासन को निखारते हैं
प्रशासन के तर्क और वैकल्पिक समाधान
हैरानी की बात यह है कि नगर निगम के पास भवन निर्माण के लिए हथियाडीह में पहले से ही जमीन चिन्हित है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि एक जीवंत और सक्रिय खेल मैदान को नष्ट करने की जिद क्यों की जा रही है
जब विकास के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध है, तो बच्चों के भविष्य की बलि देना कहाँ तक तर्कसंगत है?

आज जब दुनिया 'डिजिटल डिटॉक्स' और बच्चों को मोबाइल की लत से छुड़ाने की बात कर रही है, तब जागृति मैदान जैसे स्थल उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए 'फेफड़ों' का काम करते हैं। खेल का मैदान छीनना सीधे तौर पर उनके स्वस्थ जीवन जीने के अधिकार का हनन है।
क्षेत्र के नागरिकों का विरोध केवल एक निर्माण कार्य के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस सोच के खिलाफ है जो जनहित और पर्यावरण को दरकिनार कर प्रशासनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देती है। एक ऐतिहासिक मैदान को समाप्त करना क्षेत्र की पहचान को मिटाने जैसा है
भाजपा के जिला मंत्री सतीश शर्मा ने स्पष्ट मांग की है कि
*1. जागृति मैदान के स्वरूप के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए।*
*2. नगर निगम अपने भवन का निर्माण पूर्व-निर्धारित हथियाडीह की जमीन पर ही करे।*
*3. सार्वजनिक स्थलों और खेल के मैदानों को 'नो-कंस्ट्रक्शन जोन' घोषित कर संरक्षित किया जाए।*
*4. मैदान में नशा करने वालों पर स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाय।*
*5. नगर निगम द्वारा प्रत्येक दिन मैदान की साफ सफाई की जाय।*
विकास और विरासत के बीच संतुलन बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जागृति मैदान सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि आदित्यपुर के बच्चों के सपनों की उड़ान है। यदि आज हम चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमसे हमारे मौन का हिसाब मांगेंगी। मैदान बचाना ही बच्चों का भविष्य बचाना है।

सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के आदित्यपुर-2 स्थित जागृति मैदान को ले कर जिस प्रकार से आदित्यपुर की जनता के बीच उहापोह की स्तिथि बनी हुई है, इस बात का फायदा उठा कर कुछ लोग तरह तरह की राजनीतिक रोटियाँ सेकने मे लगे हुए हैं ऐसे में श्री अमितेश अमर ने बताया की वो आदित्यपुर की जनता को इस प्रकार की भ्रामक स्तिथि से उबारने का कार्य करेंगे उन्होंने स्पट किया की वे जिले के उपयुक्त से मिल कर आदित्यपुर की जनता के विचार जानने हेतु एक सर्वे टीम के गठन की मांग करेंगे(पत्रकार दया शंकर सिंह)

पत्रकार दया शंकर सिंह/सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के  आदित्यपुर-2 स्थित जागृति मैदान को ले कर जिस प्रकार से आदित्यपुर की जनता के बीच उहापोह की स्तिथि बनी हुई है, इस बात का फायदा उठा कर कुछ लोग तरह तरह की राजनीतिक रोटियाँ सेकने मे लगे हुए हैं ऐसे में श्री अमितेश अमर ने बताया की वो आदित्यपुर की जनता को इस प्रकार की भ्रामक स्तिथि से उबारने का कार्य करेंगे उन्होंने स्पट किया की वे जिले के उपयुक्त से मिल कर आदित्यपुर की जनता के विचार जानने हेतु एक सर्वे टीम के गठन की मांग करेंगे। सर्वे के आधार पे यदि जनता मैदान चाहती हो तो उस आधार पे उसका सौंदर्यीकरण किया जाए या उसे स्टेडियम का रूप दिया जाए एवम् यदि जनता चाहती है की वहाँ नगर निगम का कार्यालय बने तो बनाया जाए परंतु इस मैदान को लेकर किसी प्रकार की राजनीति भविष्य मे ना हो। उन्होंने स्पट किया विभाग के द्वारा निगम कार्यालय का प्रस्ताव पूर्व मे ही वापस लिया जा चुका है तथा स्थान परिवर्तन कर हथियाडीह industrial park मे स्थान चिंहित भी किया जा चुका है ऐसे मे कुछ पार्षदों के द्वारा इस प्रकार की जनता को दिग्भामित् करने वाली राजनीति कल्पना से परे है। उन्होंने बताया की वर्तमान मे शाम ढलते ही जागृति मैदान नशेड़ियों से भर जाता हैं तथा वे वहाँ से गुजरने वाली हमारी माँ,बहनो पर अभद्र टिप्पणी करते रहते हैं इस कारण वे उपयुक्त महोदय से मैदान के समीप शाराब दुकान को भी अविलंब निरस्त करने का भी मांग करेंगे

Sunday, April 26, 2026

सरायकेला खरसांवा जिला के ईचागढ प्रखंड कांग्रेस कमेटी का विशेष रूप से एस आई आर पर प्रखंड संवाद , टीकर स्थित राजवाडी परिसर में आयोजित किया गया(पत्रकार दया शंकर सिंह)

पत्रकार दया शंकर सिंह/सरायकेला खरसांवा जिला के ईचागढ प्रखंड कांग्रेस कमेटी का विशेष रूप से एस आई आर पर प्रखंड संवाद , टीकर स्थित राजवाडी परिसर में आयोजित किया गया
 इस अवसर पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सह महासचिव एआईसीसी, श्री के राजू जी,झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश जी,श्री बेला प्रसाद सह प्रभारी, रांची लोक सभा के पूर्व प्रत्याशी यशस्विनी सहाय जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और कार्यक्रम को संबोधित किया
झारखंड प्रभारी श्री के राजू जी ने अपने संबोधन में एस आई आर और महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला वहीं झारखंड प्रदेश अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश ने कहा कि संगठन सृजन 2025-26 कार्यक्रम को आगे बढाते हुए संगठन की मजबूती पर जोर दिया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और मंच की संचालन जिलाध्यक्ष 
 राज बागची ने किया
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुनील सहाय,सूर्यकांत शुक्ला,
कार्यकारी जिलाध्यक्ष तरूण डे,मास्टर ट्रेनर निशांत,राणा सिंह प्रदेश सचिव इंटक,जिला प्रवक्ता वैद्य संजय कुमार, जिपालाल मुंडा,मोहम्मद मुर्तेज,बन्धुराम महतो,सविता मार्डी जिला परिषद सदस्य,ज्योति लाल मांझी जिला परिषद सदस्य,अष्टमी रूईदास,अकडू मांझी,दल गोविंद सिंह,ईचागढ प्रखंड अध्यक्ष सिद्यो सिंह मुंडा,सुकुमार गोराई,मनमन सिंह,दुर्योधन गोप,गुनाधर महतो, ,सुनील सिंह,रिजवान खान,कमल नमन,मुकेश कुमार,प्रकाश शेखर,शिनू,समीर राय,
सुरज महतो सांसद प्रतिनिधि,उपेन्द्र गिरि,राजाराम पाडिया,रूईदास चाकी,मुबारक मोमिन सहित सभी पंचायत अध्यक्ष,पूर्व पंचायत अध्यक्ष और सभी  बी एल ए 2 सहित सैकडों कार्यकर्ता शामिल  हुए ।

Saturday, April 25, 2026

भाजपा द्वारा राज्यस्तरीय महिला आक्रोश मार्च निकालने पर कांग्रेस जिला प्रवक्ता वैद्य संजय कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपाई देश की महिलाओं को महिला आरक्षण बिल के नाम पर सिर्फ और सिर्फ गुमराह कर रही है(पत्रकार दया शंकर सिंह)*

BJP द्वारा राज्यस्तरीय महिला आक्रोश मार्च निकालने पर कांग्रेस जिला प्रवक्ता  वैद्य संजय कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपाई देश की महिलाओं को महिला 
आरक्षण बिल के नाम पर सिर्फ और सिर्फ गुमराह कर रही है नारी शक्ति वंदन योजन बिल 2023 में सर्वसम्मति से सांसद के दोनों सदनों में पास हुआ तो दुबारा बिल क्यों ? 
महिलाओं के पीछे छिपकर सरकार परिसीमन बिल पास कराना चाहती है। साफ़ शब्दों में क्यो नहीं कहते कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित हो चुका है। 543 सीटों में सरकार महिलाओं को 33 % सीटें देना नहीं चाहती  है। महिलाओं के नाम पर भाजपा 850 सीटें बढ़ाना चाहती हैं ताकि 2029 का चुनाव सिर्फ़ उत्तर भारत के भरोसे जीत सके
महिलाओं का अधिकार किसी भी राजनीतिक चाल या शर्तों का मोहताज नहीं होना चाहिए,महिला आरक्षण देश की आधी आबादी के सम्मान,भागीदारी और सशक्तिकरण का सवाल है इसे किसी जनगणना या परिसीमन की जटिलताओं में उलझाना,उसके मूल उद्देश्य को कमजोर करने जैसा है।
 विपक्ष ने जिस एकजुटता और दृढ़ता के साथ आवाज उठाई, उसने यह साबित कर दिया कि भारत का लोकतंत्र अभी भी जागरूक है,जीवित है और अपनी आत्मा की रक्षा करना जानती है। सत्ता का दुरुपयोग रोकना ही असली जनसेवा है और आज वही हुआ।
यह स्पष्ट संदेश है कि देश की राजनीति अब एकतरफा नहीं चलेगी, जनभावनाओं, संविधान और लोकतांत्रिक संतुलन का सम्मान करना ही होगा महिलाओं का हक उन्हें बिना शर्त और बिना देरी मिले  यही सच्चा न्याय है, यही सच्चा लोकतंत्र है वैद्य संजय कुमार जिला प्रवक्ता जिला सरायकेल-खारसावां कांग्रेस कमिटी

आदित्यपुर नगर निगम वार्ड नंबर 21के A, B, C, D, E, F, G, H रोड की बदहाल स्थिति पर जनअधिकार बचाओ संघर्ष मोर्चा ने केंद्रीय समिति के संयोजक ने आदित्यपुर नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन(पत्रकार दया शंकर सिंह)


पत्रकार दया शंकर सिंह/झारखंड प्रदेश जनअधिकार बचाओ संघर्ष मोर्चा केंद्रीय समिति के संयोजक रबिंद्र बारिक के नेतृत्व में सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के माननीय नगर आयुक्त एवं महापौर को एक मांग पत्र सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से आदित्यपुर क्षेत्र के A, B, C, D, E, F, G, H रोड की जर्जर सड़कों की मरम्मत, भंगार एवं जाम नालियों के निर्माण-सफाई, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि क्षेत्र की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और नालियों की उपेक्षा के कारण जलजमाव की समस्या गंभीर हो गई है। बारिश के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
मोर्चा ने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात के समय अंधकार पसरा रहता है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी के साथ असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का भी खतरा बना रहता है। साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के अभाव में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है।
जनअधिकार बचाओ संघर्ष मोर्चा ने नगर निगम से मांग की है कि सभी सड़कों की शीघ्र मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराया जाए, नालियों का निर्माण और नियमित सफाई सुनिश्चित हो, पूरे क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाई जाए तथा सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं।
संयोजक रबिंद्र बारिक ने कहा कि यह सिर्फ मूलभूत सुविधाओं का सवाल नहीं बल्कि आम जनता की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में आंदोलन तेज किया जाएगा। मोर्चा ने उम्मीद जताई कि नगर निगम इस गंभीर जनसमस्या पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।